इंडिगो फ्लाइट पर बिजली गिरी, लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग:विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त; पटना से अहमदाबाद जा रही थी

इंडिगो फ्लाइट पर बिजली गिरी, लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग:विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त; पटना से अहमदाबाद जा रही थी

पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट बुधवार शाम खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। विमान की नोज क्षतिग्रस्त हो गई। उस समय विमान करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर था। हालांकि, पायलट ने सूझ-बूझ से विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। घटना के समय विमान में 150 यात्री सवार थे। इंडिगो विमान (6E925) ने पटना एयरपोर्ट से बुधवार दोपहर 3:10 बजे उड़ान भरी। इसी विमान को 6E6968 के रूप में 5:05 बजे लखनऊ से अहमदाबाद जाना था। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, 17 हजार फीट की ऊंचाई पर बिजली की चपेट में आने की घटना हुई। इसके बाद विमान शाम 4:05 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरा। जबकि इसे शाम 4:20 बजे पहुंचना था। हालांकि, सभी यात्री सुरक्षित रहे। वहीं, तकनीकी दिक्कत आने के बाद विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। यात्रियों के लिए इंडिगो ने दूसरे विमान का इंतजाम किया। फिर उस विमान से सभी यात्रियों को शाम करीब 6:22 बजे अहमदाबाद के लिए रवाना किया गया। इंजीनियरों की टीम खराब हुए विमान की जांच कर रही है। 19 जून को भी इंडिगो की फ्लाइट पर गिरी थी बिजली आंधी-तूफान के चलते 19 जून, 2026 को कोलकाता एयरपोर्ट पर खड़े एक इंडिगो विमान (6E6068) पर बिजली गिर गई थी। हालांकि, घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ था। विमान में सवार सभी 141 यात्रियों और 6 क्रू सदस्यों को उतार लिया गया था। बाद में उन्हें दूसरे विमान से अगरतला भेजा गया था। अब जानिए विमान पर बिजली कैसे गिरती है? आकाशीय बिजली आमतौर पर विमान के नोज या विंगटिप जैसे आगे के नुकीले हिस्से से ही टकराती है। इसके बाद करंट विमान की बाहरी सतह से होकर गुजरता है। यह करंट विमान के पीछे के हिस्से यानी टेल से होकर बाहर निकल जाता है। बिजली से विमान को नहीं होता ज्यादा नुकसान आमतौर पर आकाशीय बिजली की चपेट में आने पर विमान को बहुत कम नुकसान पहुंचता है। दरअसल, विमान की बाहरी सतह इस तरह बनाई जाती है कि करंट बाहर से ही गुजर जाए। कई मामलों में सिर्फ छोटे निशान या छोटे छेद दिखाई देते हैं। हालांकि, बिजली की चपेट में आने के बाद विमान की तकनीकी जांच की जाती है। यात्रियों को बिजली का झटका नहीं लगता विमान की बाहरी संरचना बिजली को यात्रियों से दूर रखने का काम करती है। इसलिए अंदर बैठे यात्रियों को बिजली का झटका नहीं लगता। बिजली गिरने पर यात्रियों को तेज चमक और जोर की आवाज जरूर सुनाई दे सकती है। अगर विमान के सिस्टम सामान्य हैं, तो वह अपनी उड़ान जारी रख सकता है। लेकिन, लैंडिंग के बाद विमान की तकनीकी जांच जरूरी होती है। नुकसान मिलने पर विमान को आगे उड़ाने की इजाजत नहीं दी जाती। ———————– यह खबर भी पढ़ें यूपी में चेकिंग देख चलती ट्रेन से कूदने लगे यात्री, टायलेट का गेट खटखटाकर टीटीई बोले- बाहर निकलो, 371 लोग पकड़े गए बाराबंकी में बुधवार दोपहर ट्रेन में चेकिंग के दौरान भगदड़ मच गई। एक साथ कई टीटीई जैसे ही पुलिस के साथ बोगी (कोच) में घुसे, बिना टिकट वाले यात्री ट्रेन से बाहर कूदने लगे। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यात्री ट्रेन से बाहर कूदने के बाद गिरते दिख रहे। यहां पढ़ें पूरी खबर पटना से लखनऊ आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट बुधवार शाम खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। विमान की नोज क्षतिग्रस्त हो गई। उस समय विमान करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर था। हालांकि, पायलट ने सूझ-बूझ से विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। घटना के समय विमान में 150 यात्री सवार थे। इंडिगो विमान (6E925) ने पटना एयरपोर्ट से बुधवार दोपहर 3:10 बजे उड़ान भरी। इसी विमान को 6E6968 के रूप में 5:05 बजे लखनऊ से अहमदाबाद जाना था। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, 17 हजार फीट की ऊंचाई पर बिजली की चपेट में आने की घटना हुई। इसके बाद विमान शाम 4:05 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरा। जबकि इसे शाम 4:20 बजे पहुंचना था। हालांकि, सभी यात्री सुरक्षित रहे। वहीं, तकनीकी दिक्कत आने के बाद विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया। यात्रियों के लिए इंडिगो ने दूसरे विमान का इंतजाम किया। फिर उस विमान से सभी यात्रियों को शाम करीब 6:22 बजे अहमदाबाद के लिए रवाना किया गया। इंजीनियरों की टीम खराब हुए विमान की जांच कर रही है। 19 जून को भी इंडिगो की फ्लाइट पर गिरी थी बिजली आंधी-तूफान के चलते 19 जून, 2026 को कोलकाता एयरपोर्ट पर खड़े एक इंडिगो विमान (6E6068) पर बिजली गिर गई थी। हालांकि, घटना में कोई यात्री घायल नहीं हुआ था। विमान में सवार सभी 141 यात्रियों और 6 क्रू सदस्यों को उतार लिया गया था। बाद में उन्हें दूसरे विमान से अगरतला भेजा गया था। अब जानिए विमान पर बिजली कैसे गिरती है? आकाशीय बिजली आमतौर पर विमान के नोज या विंगटिप जैसे आगे के नुकीले हिस्से से ही टकराती है। इसके बाद करंट विमान की बाहरी सतह से होकर गुजरता है। यह करंट विमान के पीछे के हिस्से यानी टेल से होकर बाहर निकल जाता है। बिजली से विमान को नहीं होता ज्यादा नुकसान आमतौर पर आकाशीय बिजली की चपेट में आने पर विमान को बहुत कम नुकसान पहुंचता है। दरअसल, विमान की बाहरी सतह इस तरह बनाई जाती है कि करंट बाहर से ही गुजर जाए। कई मामलों में सिर्फ छोटे निशान या छोटे छेद दिखाई देते हैं। हालांकि, बिजली की चपेट में आने के बाद विमान की तकनीकी जांच की जाती है। यात्रियों को बिजली का झटका नहीं लगता विमान की बाहरी संरचना बिजली को यात्रियों से दूर रखने का काम करती है। इसलिए अंदर बैठे यात्रियों को बिजली का झटका नहीं लगता। बिजली गिरने पर यात्रियों को तेज चमक और जोर की आवाज जरूर सुनाई दे सकती है। अगर विमान के सिस्टम सामान्य हैं, तो वह अपनी उड़ान जारी रख सकता है। लेकिन, लैंडिंग के बाद विमान की तकनीकी जांच जरूरी होती है। नुकसान मिलने पर विमान को आगे उड़ाने की इजाजत नहीं दी जाती। ———————– यह खबर भी पढ़ें यूपी में चेकिंग देख चलती ट्रेन से कूदने लगे यात्री, टायलेट का गेट खटखटाकर टीटीई बोले- बाहर निकलो, 371 लोग पकड़े गए बाराबंकी में बुधवार दोपहर ट्रेन में चेकिंग के दौरान भगदड़ मच गई। एक साथ कई टीटीई जैसे ही पुलिस के साथ बोगी (कोच) में घुसे, बिना टिकट वाले यात्री ट्रेन से बाहर कूदने लगे। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यात्री ट्रेन से बाहर कूदने के बाद गिरते दिख रहे। यहां पढ़ें पूरी खबर  

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