समस्तीपुर में फरक्का जलसंधि को लेकर होगा नीतीश संवाद:JDU बोली- बिहार के हितों का नहीं रखा ख्याल, जलसंधि से बिहार को नुकसान

समस्तीपुर में फरक्का जलसंधि को लेकर होगा नीतीश संवाद:JDU बोली- बिहार के हितों का नहीं रखा ख्याल, जलसंधि से बिहार को नुकसान

फरक्का जलसंधि को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से गंगा से सटे बिहार के 12 जिलों में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 8 अक्टूबर को समस्तीपुर में नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। JDU के प्रदेश प्रवक्ता नवल शर्मा ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 1996 में केंद्र सरकार में भागीदार रहते हुए तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव ने फरक्का जलसंधि को लेकर मौन साधे रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बिहार के हितों और यहां के किसानों-पशुपालकों की जरूरतों का ध्यान नहीं रखा गया। ‘जलसंधि से बिहार को हुआ नुकसान’ नवल शर्मा ने कहा कि फरक्का जलसंधि की अवधि समाप्त होने के समय बिहार के लोगों के बीच इसके प्रभावों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नीतीश संवाद के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि 1996 में हुए समझौते का बिहार पर क्या असर पड़ा और गंगा के पानी के बेहतर उपयोग से राज्य को किस तरह लाभ मिल सकता है। उन्होंने दावा किया कि गंगा बिहार में प्रवेश करते समय करीब 400 क्यूसेक पानी लेकर आती है, जबकि बिहार से निकलकर बांग्लादेश पहुंचने तक इसकी मात्रा बढ़कर करीब 1,500 क्यूसेक हो जाती है। बिहार की कई नदियों का पानी गंगा में मिलने के कारण जलस्तर बढ़ता है। उनका कहना है कि फरक्का समझौते के तहत इस पानी का भी हिस्सा बांग्लादेश को देना पड़ता है।
‘समझौते में सुधार से बिहार को मिलेगा 1,100 क्यूसेक पानी’ JDU प्रवक्ता ने कहा कि अगर फरक्का जलसंधि में सुधार किया जाता है तो बिहार को करीब 1,100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी मिल सकता है। इसका इस्तेमाल सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने, पशुओं के लिए पेयजल उपलब्ध कराने और अन्य जरूरतों में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब गंगा में पर्याप्त पानी रहता है तो बांग्लादेश को पानी की उतनी जरूरत नहीं होती। लेकिन जब गंगा का जलस्तर कम होता है और बिहार में पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है, तब भी समझौते के प्रावधानों के तहत बांग्लादेश को पानी देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर JDU लोगों के बीच अपनी बात रख रही है। संवाददाता सम्मेलन में समस्तीपुर की विधायक अश्वमेघ देवी, JDU के जिला अध्यक्ष दुर्गेश राय, मीडिया प्रभारी अनस रिजवान समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। फरक्का जलसंधि को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से गंगा से सटे बिहार के 12 जिलों में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 8 अक्टूबर को समस्तीपुर में नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। JDU के प्रदेश प्रवक्ता नवल शर्मा ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 1996 में केंद्र सरकार में भागीदार रहते हुए तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव ने फरक्का जलसंधि को लेकर मौन साधे रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बिहार के हितों और यहां के किसानों-पशुपालकों की जरूरतों का ध्यान नहीं रखा गया। ‘जलसंधि से बिहार को हुआ नुकसान’ नवल शर्मा ने कहा कि फरक्का जलसंधि की अवधि समाप्त होने के समय बिहार के लोगों के बीच इसके प्रभावों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नीतीश संवाद के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि 1996 में हुए समझौते का बिहार पर क्या असर पड़ा और गंगा के पानी के बेहतर उपयोग से राज्य को किस तरह लाभ मिल सकता है। उन्होंने दावा किया कि गंगा बिहार में प्रवेश करते समय करीब 400 क्यूसेक पानी लेकर आती है, जबकि बिहार से निकलकर बांग्लादेश पहुंचने तक इसकी मात्रा बढ़कर करीब 1,500 क्यूसेक हो जाती है। बिहार की कई नदियों का पानी गंगा में मिलने के कारण जलस्तर बढ़ता है। उनका कहना है कि फरक्का समझौते के तहत इस पानी का भी हिस्सा बांग्लादेश को देना पड़ता है।
‘समझौते में सुधार से बिहार को मिलेगा 1,100 क्यूसेक पानी’ JDU प्रवक्ता ने कहा कि अगर फरक्का जलसंधि में सुधार किया जाता है तो बिहार को करीब 1,100 क्यूसेक अतिरिक्त पानी मिल सकता है। इसका इस्तेमाल सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने, पशुओं के लिए पेयजल उपलब्ध कराने और अन्य जरूरतों में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब गंगा में पर्याप्त पानी रहता है तो बांग्लादेश को पानी की उतनी जरूरत नहीं होती। लेकिन जब गंगा का जलस्तर कम होता है और बिहार में पानी की आवश्यकता बढ़ जाती है, तब भी समझौते के प्रावधानों के तहत बांग्लादेश को पानी देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर JDU लोगों के बीच अपनी बात रख रही है। संवाददाता सम्मेलन में समस्तीपुर की विधायक अश्वमेघ देवी, JDU के जिला अध्यक्ष दुर्गेश राय, मीडिया प्रभारी अनस रिजवान समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।  

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