कोटा में युवक की हत्या के 7 साल पुराने मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही 35-35 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। 5 दोषियों बहादुर मीणा (29), आशीष गुप्ता उर्फ लालो (33), दिलीप मेरोठा (27), मनीष कुमार (26 ), पंकज शर्मा उर्फ बाउंच्या (29) को सजा सुनाई गई है। वहीं, एक आरोपी दीपक दुबे (19) फरार है। दोषियों ने पेट्रोल पंप पर बाइक हटाने की बात को लेकर हुए विवाद में युवक के सिर पर स्टील के डंडे से हमला किया था। सिर पर चोट लगने के चलते युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पेट्रोल पंप पर हुआ था झगड़ा सहायक निदेशक अभियोजन बलराम मीणा ने बताया- 13 अप्रैल 2019 को फरियादी नईम मोहम्मद निवासी सब्जी मंडी बोरखेड़ा ने गुमानपुरा थाने में शिकायत दी थी। इसमें बताया कि वो 12 अप्रैल की रात करीब 10 बजे दोस्त इमरान के साथ एरोड्राम से चाय पीकर बोरखेड़ा घर लौट रहे थे। बाइक में पेट्रोल कम होने के कारण डीसीएम रोड स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवा रहे थे। पम्प पर दो बाइक पर 5-6 व्यक्ति सवार थे। उन्होंने बाइक हटाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर हमारी उनसे कहासुनी हुई। बाइक सवार एक युवक ने पेट्रोल पंप पर लगे क्यू लाईन का स्टील का डंडा निकाल कर इमरान के साथ बैरहमी से मारपीट की। इससे इमरान के सिर पर गहरा घाव हो गया। काफी खून बह गया, हाथ में भी चोट आई। दोषी मौके से फरार हो गए। जयपुर में इलाज के दौरान इमरान की मौत हो गईं। 25 गवाहों के बयान हुए शिकायत पर पुलिस ने बहादुर मीणा,आशीष गुप्ता उर्फ लालो, दिलीप मेरोठा, मनीष कुमार (26 ), पंकज शर्मा उर्फ बाउंच्या, ,दीपक दुबे के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 25 गवाहों के बयान करवाए।

