अनूपपुर जिले में मानसून की आधिकारिक विदाई के बावजूद बारिश का सिलसिला बना हुआ है। कोतमा में मंगलवार रात 0.55 इंच बारिश दर्ज की गई, वहीं बुधवार दोपहर पवित्र नगरी अमरकंटक में आंधी और कड़कड़ाहट के साथ एक घंटे से अधिक समय तक बारिश हुई। दूसरी ओर, अनूपपुर जिला मुख्यालय सहित जिले के अन्य हिस्सों में धूप खिली रही। अमरकंटक में सुबह से दोपहर 2:00 बजे तक मौसम साफ था और खिली धूप निकली हुई थी। हालांकि, दोपहर करीब 2:45 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में काले घने बादल छा गए। इसके बाद तेज हवा और बिजली की चमक के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। अचानक बारिश से पर्यटक परेशान अचानक हुई तेज बारिश के कारण अमरकंटक पहुंचे तीर्थयात्री और पर्यटक बचाव के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। प्रमुख धार्मिक स्थलों और बाजारों के आसपास लोगों को काफी देर तक शरण लेनी पड़ी। लगभग एक घंटे तक चली इस मूसलाधार बारिश से क्षेत्र के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई है और वातावरण सुहावना हो गया है। 3 अक्टूबर को हो चुकी है मानसून की वापसी भू-अभिलेख विभाग के अधीक्षक प्रदीप कुमार मोगरे के अनुसार, मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की आधिकारिक वापसी हो चुकी है। वर्तमान में हो रही बारिश स्थानीय कारणों से छिटपुट रूप में है, जो अगले कुछ दिनों में पूरी तरह थम जाएगी। पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 0.067 इंच (1.7 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। इस मानसूनी सीजन में जून से अब तक जिले में कुल 46.18 इंच (1173.1 मिमी) वर्षा हो चुकी है, जो बीते वर्ष की इसी अवधि के 42.94 इंच (1090.9 मिमी) की तुलना में 3.23 इंच (82.2 मिमी) अधिक है। हालांकि, यह जिले की सामान्य औसत वर्षा के लक्ष्य 47.07 इंच (1195.8 मिमी) के काफी करीब है। फसलों के लिए लाभदायक है यह बारिश कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कोतमा इस समय हो रही हल्की और छिटपुट बारिश से खेतों में खड़ी धान और मक्का की फसलों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचेगा। इसके विपरीत, यह नमी फसलों की बढ़वार और गुणवत्ता के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।

