जहानाबाद में सफाईकर्मी और रात्रि प्रहरियों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को प्रदर्शन किया। वे गांधी मैदान से चलकर डीएम कार्यालय पहुंचे। उनका आरोप है कि उन्हें पिछले 15 महीने से मानदेय नहीं मिला है। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे उमाशंकर शर्मा ने बताया कि पंचायतों के स्कूलों में काम करने वाले इन कर्मियों को लंबे समय से वेतन नहीं मिला है। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक दिक्कत खड़ी हो गई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सफाईकर्मी और रात्रि प्रहरियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही, उन्हें तय वेतन, पीएफ और पेंशन की सुविधा भी मिले। मांगें पूरी नहीं होने पर करेंगे आंदोलन शर्मा ने बताया कि रात्रि प्रहरी सुनसान स्कूलों में जान जोखिम में डालकर रातभर पहरा देते हैं, लेकिन उन्हें कोई सुविधा नहीं मिलती। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। जहानाबाद में सफाईकर्मी और रात्रि प्रहरियों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को प्रदर्शन किया। वे गांधी मैदान से चलकर डीएम कार्यालय पहुंचे। उनका आरोप है कि उन्हें पिछले 15 महीने से मानदेय नहीं मिला है। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे उमाशंकर शर्मा ने बताया कि पंचायतों के स्कूलों में काम करने वाले इन कर्मियों को लंबे समय से वेतन नहीं मिला है। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक दिक्कत खड़ी हो गई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सफाईकर्मी और रात्रि प्रहरियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही, उन्हें तय वेतन, पीएफ और पेंशन की सुविधा भी मिले। मांगें पूरी नहीं होने पर करेंगे आंदोलन शर्मा ने बताया कि रात्रि प्रहरी सुनसान स्कूलों में जान जोखिम में डालकर रातभर पहरा देते हैं, लेकिन उन्हें कोई सुविधा नहीं मिलती। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।

