लखनऊ विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों में लंबे समय से खराब और गुणवत्ताहीन भोजन मिलने की शिकायतों को लेकर समाजवादी छात्रसभा के छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने मेस की व्यवस्था में तत्काल सुधार और भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। छात्रों का कहना है कि छात्रावासों के मेस में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। खराब भोजन से छात्रों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में सभी छात्रावासों के मेस का तत्काल निरीक्षण कराया जाना चाहिए। मेस शुल्क लेने के बाद भी खराब भोजन पर सवाल छात्रनेता आदित्य पाण्डेय ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले छात्रों से मेस के भोजन के लिए शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद उन्हें खराब और गुणवत्ताहीन भोजन मिलना स्वीकार्य नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी मेस का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। छात्रों के स्वास्थ्य और अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। नियमित निरीक्षण और शिकायत व्यवस्था की मांग ज्ञापन में मेस के भोजन की तत्काल गुणवत्ता जांच कराने, स्वच्छता सुनिश्चित करने और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था बनाने की मांग की गई। छात्रों ने शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने और दोषी मेस संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में छात्रनेता रोहित यादव, आदित्य पाण्डेय, प्रदेश सचिव अक्षय वर्मा, रवि नन्दन यादव, अक्षय पाण्डेय, अंकित पाण्डेय, वैभव यादव, आर्यन कुशवाहा सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।

