रतिया में बाहरी धान की आवक पर विवाद:प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप, किसान नेता बोले- स्थानीय किसानों को फसल बेचने में दिक्कत

रतिया में बाहरी धान की आवक पर विवाद:प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप, किसान नेता बोले- स्थानीय किसानों को फसल बेचने में दिक्कत

फतेहाबाद जिले की रतिया अनाज मंडी में धान की खरीद शुरू होते ही बाहरी मंडियों से धान आने पर विवाद खड़ा हो गया है। बीकेयू खेती बचाओ के प्रदेशाध्यक्ष राजिंदर सिंह चहल ने आरोप लगाया कि स्थानीय आवक से ज्यादा धान मंडी में पहुंच रहा है, जिससे किसानों को फसल बेचने में दिक्कत हो रही है। चहल ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को नमी का हवाला देकर परेशान किया जा रहा है, जबकि बाहरी मंडियों और शेलरों से कम दाम पर खरीदा धान मंडी में लाया जा रहा है। बाहर से आने वाले धान पर रोक लगाने की मांग उन्होंने प्रशासन से बाहरी मंडियों से आने वाले धान पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। साथ ही, दूसरे राज्यों से आने वाले चावल पर भी रोक लगाने को कहा, ताकि स्थानीय किसानों को अपनी फसल बेचने का मौका मिले। चहल ने चेतावनी दी कि अगर बाहरी धान की आवक नहीं रुकी, तो बीकेयू खेती बचाओ किसानों के हित में आंदोलन करेगा। यूनियन किसानों के साथ किसी भी तरह की लूट बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष बेग राज फुलां, महासचिव सुरेंद्र जाखड़, जिला प्रधान मदन बिजारणियां, ब्लॉक प्रधान रविंद्र कड़वासरा और इंद्रजीत दादूपुर समेत यूनियन के सदस्य मौजूद थे।

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