प्रयागराज में UPTET अभ्यर्थियों का मंगलवार को विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया, जब पुलिस ने उन्हें शिक्षा सेवा चयन आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकालने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे छात्र सड़क पर पहुंच गए। पुलिस ने छात्रों को सड़क से हटाने की कोशिश की, जिस दौरान दोनों पक्षों के बीच झड़प और धक्का-मुक्की हुई। अभ्यर्थी सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर पर ओएमआर शीट रिजेक्शन और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया के विरोध में धरना दे रहे हैं। मंगलवार को छात्रों ने यहां से एलनगंज स्थित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकालने का फैसला किया था। छात्र आयोग तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचकर अपनी मांगें रखने की बात कह रहे थे। मार्च शुरू होने पर पुलिस ने अभ्यर्थियों को रास्ते में रोक दिया। इसके बाद कई प्रदर्शनकारी सड़क पर पहुंच गए। पुलिसकर्मी उन्हें उठाकर किनारे करने की कोशिश करते रहे। इसी दौरान छात्रों और पुलिस के बीच कई बार झड़प और धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि पुलिस ने उनके कुछ साथियों को पकड़कर हिरासत में ले लिया और उन्हें पुलिस की गाड़ी में बैठाकर मौके से ले गई। पुलिस की गाड़ी को रोकने के लिए कुछ छात्राएं उसके आगे खड़ी हो गईं। छात्राओं ने गाड़ी को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को गाड़ी के आगे से हटाया और पुलिस वाहन को वहां से रवाना कर दिया। इस दौरान मौके पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका आंदोलन ओएमआर शीट रिजेक्शन और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया को लेकर है। छात्रों का आरोप है कि नॉर्मलाइजेशन के बाद कई अभ्यर्थियों के नंबर काफी कम हुए हैं। वहीं, ओएमआर भरने में छोटी मानवीय गलती होने पर रिजल्ट रिजेक्ट किए जाने को लेकर भी छात्र नाराज हैं।

