Abhijit Dipke: महाराष्ट्र में प्रदर्शनकारियों को पुलिस की ओर से नोटिस दिए जाने और आदिवासी विद्यार्थियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर अभिजीत दीपके ने राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है। दरअसल, छत्रपति संभाजीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस के जरिए आंदोलनकारियों पर दबाव बनाने और उनका मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
दीपके ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस की तुलना स्कॉटलैंड यार्ड से की जाती है और देश-दुनिया में उसकी तारीफ होती है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों को नोटिस भेजना और उन्हें परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र में योगी आदित्यनाथ बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह महाराष्ट्र है।
‘हिम्मत है तो मुझे सीधे गिरफ्तार करें’
अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके सहयोगियों को परेशान करने के बजाय पुलिस में हिम्मत है तो उन्हें सीधे गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रपुर पुलिस ने उनके कुछ सहयोगियों को नोटिस भेजकर दावा किया है कि आंदोलन हिंसक हो सकता है।
दीपके ने पुलिस के इस तर्क पर भी सवाल उठाया कि जंतर-मंतर पर आंदोलन नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर चंद्रपुर में नहीं है, फिर चंद्रपुर पुलिस इस तरह की कार्रवाई क्यों कर रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की इस कार्रवाई के पीछे वरिष्ठ स्तर से दबाव हो सकता है।
‘आदिवासी विद्यार्थियों पर लाठी चलाना पुलिस को शोभा नहीं देता’
नंदुरबार में आदिवासी विद्यार्थियों के अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे राहुल पवार और अन्य विद्यार्थियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर भी दिपके ने नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल किया कि क्या पुलिस के पास राज्य में अपराधियों की कमी हो गई है, जो आदिवासी विद्यार्थियों पर लाठियां चला रही है? उन्होंने कहा कि अगर यही बच्चा किसी बड़े उद्योगपति का होता, तो क्या पुलिस उस पर इसी तरह कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाती? दिपके ने आदिवासी विद्यार्थियों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे अनुचित बताया।
‘कुछ हुआ तो पूरे देश में जंतर-मंतर करेंगे’
अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि 13 करोड़ वोट रद्द करने से पहले क्या चुनाव आयोग ने किसी से अनुमति ली थी? दीपके ने कहा कि वह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जा रहे हैं और इस दौरान विद्यार्थियों में काफी रोष देखने को मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आंदोलनकारियों या विद्यार्थियों के साथ कुछ भी गलत हुआ तो पूरे देश में ‘जंतर-मंतर’ जैसा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

