शैंपू में सल्फेट क्यों डाला जाता है और क्या इससे बाल झड़ते हैं? किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, Healthline से जानें

शैंपू में सल्फेट क्यों डाला जाता है और क्या इससे बाल झड़ते हैं? किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, Healthline से जानें

Hair Care Tips: शैंपू बालों को साफ रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन हर शैंपू हर किसी के बालों के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ शैंपू बालों से तेल और गंदगी अच्छी तरह साफ करते हैं, लेकिन कुछ लोगों के बालों या स्कैल्प पर इनका असर रूखेपन या जलन के रूप में दिख सकता है। खासकर अगर बाल पहले से रूखे हैं या झड़ने लगे हैं, तो शैंपू चुनते समय थोड़ा ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं शैंपू से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

शैंपू में सल्फेट क्या होता है?

हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, सल्फेट शैंपू में इस्तेमाल होने वाला एक तरह का क्लीनिंग एजेंट है। यह बालों से तेल और गंदगी हटाने में मदद करता है और शैंपू में झाग भी बनाता है।

क्या सल्फेट वाला शैंपू सभी के लिए खराब है?

हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, सल्फेट वाला शैंपू हर किसी के लिए खराब हो, ऐसा नहीं है। लेकिन अगर बाल पहले से रूखे, पतले या संवेदनशील हैं, तो सल्फेट ज्यादा प्राकृतिक तेल हटा सकता है और बालों में रूखापन बढ़ सकता है।संवेदनशील स्कैल्प वाले कुछ लोगों को इससे जलन या खुजली भी हो सकती है। ऐसे में सल्फेट फ्री शैंपू इस्तेमाल करना एक विकल्प हो सकता है।

क्या सल्फेट से बाल झड़ते हैं?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, सल्फेट कुछ लोगों के स्कैल्प में जलन पैदा कर सकते हैं और बालों को टूटने के लिए ज्यादा संवेदनशील बना सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सल्फेट हर व्यक्ति में सीधे बाल झड़ने की वजह बनता है। बाल झड़ने के पीछे उम्र, आनुवंशिक कारण, कुछ स्वास्थ्य समस्याएं, दवाओं का असर और तेजी से वजन कम होना जैसी कई वजहें हो सकती हैं।

बाल झड़ रहे हैं तो कैसा शैंपू चुनें?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, कोई भी शैंपू बाल झड़ने की असली वजह का इलाज नहीं करता। हालांकि, ऐसा शैंपू चुना जा सकता है जो बालों और स्कैल्प के लिए ज्यादा कठोर न हो। बाल झड़ने की समस्या में मॉइस्चराइजिंग शैंपू इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

शैंपू के बाद कंडीशनर लगाना क्यों जरूरी है?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, शैंपू बालों से गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाता है, लेकिन इससे बालों का प्राकृतिक तेल भी कम हो सकता है। कंडीशनर बालों को मुलायम रखने और ब्रश करने, हीट और धूप से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है। खासकर लंबे बालों में कंडीशनर का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है।

बालों को कितनी बार शैंपू करना चाहिए?

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, सभी लोगों के लिए बाल धोने का एक जैसा नियम नहीं है। यह बालों और स्कैल्प में बनने वाले तेल और बालों की जरूरत पर निर्भर करता है। अगर स्कैल्प ज्यादा ऑयली है तो बालों को ज्यादा बार धोने की जरूरत पड़ सकती है। वहीं बहुत ज्यादा शैंपू करने से कुछ लोगों के बाल रूखे हो सकते हैं। इसलिए अपने बालों और स्कैल्प की जरूरत के हिसाब से शैंपू करना बेहतर है।

बहुत कम शैंपू करना भी सही नहीं है

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, अगर स्कैल्प को नियमित रूप से साफ नहीं किया जाए तो वहां तेल और मृत त्वचा जमा हो सकती है। इससे डैंड्रफ, खुजली या स्कैल्प में जलन जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए बालों को बहुत लंबे समय तक बिना धोए रखना भी सही नहीं है।

बाल झड़ रहे हैं तो सिर्फ शैंपू बदलना काफी नहीं

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, अगर बाल सामान्य से ज्यादा झड़ रहे हैं तो सिर्फ शैंपू बदलने पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। बाल झड़ने की वजह पता करना जरूरी है, क्योंकि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। अगर बाल लगातार ज्यादा झड़ रहे हैं या बालों की मोटाई कम होती जा रही है, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

हीट का इस्तेमाल कम करें

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, बहुत ज्यादा गर्म हेयर ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लिंग आयरन का इस्तेमाल बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे बालों के टूटने की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए इन चीजों का इस्तेमाल कम करें और बालों की नमी बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *