बड़वानी नर्सिंग कॉलेज ने 20 छात्राओं के मूल दस्तावेज रोके:कोर्स पूरा होने के 4 महीने बाद भी नहीं लौटाए; विरोध में जलाईं ज्ञापन की प्रतियां

बड़वानी नर्सिंग कॉलेज ने 20 छात्राओं के मूल दस्तावेज रोके:कोर्स पूरा होने के 4 महीने बाद भी नहीं लौटाए; विरोध में जलाईं ज्ञापन की प्रतियां

बड़वानी इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज की GNM बैच 2020-21 की 20 से अधिक छात्राओं ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन किया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज ने उनकी मूल मार्कशीट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज 4 महीने से रोक रखे हैं। विरोध में छात्राओं ने अब तक दिए गए आवेदनों और ज्ञापनों की प्रतियां जलाईं। छात्रा कमला चौहान ने बताया कि उनका कोर्स 31 मई 2024 को पूरा हो गया था। कॉलेज प्रबंधन ने करेक्शन के नाम पर उनके मूल दस्तावेज जमा करा लिए थे। 4 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक वापस नहीं किए गए। उन्होंने बताया कि 4 छात्राओं को उनकी मार्कशीट दे दी गई है, जबकि बाकी की रोकी गई हैं। छात्रा राखी आवास्या ने बताया कि दस्तावेज मांगने पर कॉलेज स्टाफ दुर्व्यवहार करता है। छात्राओं के अनुसार, मूल दस्तावेज के अभाव में नौकरी, आगे की पढ़ाई और नर्सिंग पंजीयन जैसे काम रुक गए हैं। उन्होंने 9 सूत्रीय मांग रखी है, जिसमें तत्काल दस्तावेज वापस दिलाने और दुर्व्यवहार की जांच शामिल है। प्रमुख मांगें…..

1. 20 छात्राओं की मूल मार्कशीट एवं कॉलेज में जमा किए गए सभी मूल दस्तावेज तत्काल वापस दिलाए जाएं।

2. लगभग 4 माह से दस्तावेज लंबित रखने के मामले की जांच कराई जाए।

3. चार छात्राओं को मार्कशीट देने तथा अन्य छात्राओं को नहीं देने का कारण स्पष्ट कराया जाए।

4. यदि किसी मार्कशीट में करेक्शन लंबित है तो उसकी वर्तमान स्थिति एवं कारण लिखित रूप से उपलब्ध कराया जाए।

5. छात्राओं के साथ कथित बदतमीजी, धमकी, डराने-धमकाने एवं दबाव बनाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

6. छात्राओं के बयान दर्ज कर मामले की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए।

7. यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा छात्राओं को धमकाने अथवा डराने की बात प्रमाणित होती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।

8. छात्राओं को बिना किसी दबाव या भय के अपनी शिकायत रखने एवं अपने मूल दस्तावेज प्राप्त करने की सुरक्षा एवं सुविधा प्रदान की जाए।

9. संबंधित विभाग/विश्ववि‌द्यालय से समन्वय कर छात्राओं की समस्या का शीघ्र निराकरण कराया जाए।

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