Congress नेतृत्व की चेतावनी दरकिनार कर Harish Rawat ने जसपुर से निकाली जनसंवाद यात्रा

Congress नेतृत्व की चेतावनी दरकिनार कर Harish Rawat ने जसपुर से निकाली जनसंवाद यात्रा

देहरादून, पांच अक्टूबर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस आलाकमान की हिदायत को दरकिनार करते हुए सोमवार को उधमसिंह नगर जिले के जसपुर में जोर-शोर के साथ ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ शुरू की और कहा कि वह सात अक्टूबर को दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने स्पष्टीकरण देंगे। रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हो सकता है कि मैं ठीक से अपनी बात न समझा पाया हूं। (उत्तराखंड में पार्टी मामलों की प्रभारी) सैलजा जी ने मुझे सात अक्टूबर को शाम सात बजे मिलने का समय दिया है।

पार्टी को स्पष्टीकरण लेने का हक है।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने हालांकि जोर देकर कहा कि वह समझ नहीं पा रहे कि उनकी यात्रा से पार्टी के कार्यक्रम कैसे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “इन दिनों कांग्रेस का कोई कार्यक्रम नहीं है। जिलों, ब्लॉकों, सड़कों व ग्रामीण क्षेत्रों में कोई संगठित जनसंपर्क अभियान होता दिखाई नहीं दे रहा।

काफी लंबे समय से ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में मेरी इस धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा से कांग्रेस के कार्यक्रम कैसे प्रभावित हो रहे हैं।”
इससे पहले, कांग्रेस आलाकमान की ओर से पार्टी में ‘समानांतर कार्यक्रम’ आयोजित करने को लेकर कड़ी हिदायत के बावजूद निकाली गई इस यात्रा में रावत के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, चकराता के विधायक और उत्तराखंड चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, जसपुर के विधायक आदेश चौहान तथा अनेक नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। यात्रा के दौरान रावत ने कहा कि उनका मकसद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों को उखाड़ फेंकने के लिए काम करना है।

कांग्रेस नेता ने यात्रा के दौरान स्वागत और समर्थन के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘जसपुर के इस स्नेह, सम्मान और विश्वास ने मुझे भावुक कर दिया है। इस यात्रा में जसपुर का साथ चट्टान की तरह मजबूत है। आपके इस अपनेपन ने कारवां को नयी ऊर्जा व नयी ताकत दी है।’’
रावत ने पोस्ट में एक शेर भी लिखा, ‘‘कारवां चल पड़ा है, कारवां चलता रहेगा—जनता का विश्वास, हर कदम बढ़ता रहेगा।’’
रावत हाल ही में स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज कराने के बाद फिर से राजनीतिक रूप से सक्रिय हो गए हैं।

हरिद्वार जिले की किसी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त करने के बाद उन्होंने वहां रोड शो समेत कुछ अन्य कार्यक्रम किए और इसके बाद कुमाऊं क्षेत्र में यात्रा व जनसंवाद का कार्यक्रम बनाया। रावत की यह यात्रा कांग्रेस महासचिव और पार्टी की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा के एक पत्र के बाद आयोजित की गई है, जिसमें सैलजा ने पूर्व मुख्यमंत्री को इन कार्यक्रमों को आगे नहीं बढ़ाने की हिदायत दी थी। सैलजा ने अपने पत्र में कहा था कि अगले कुछ महीने में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं और पार्टी को एकजुट होकर सामने आना चाहिए।

उन्होंने कहा था, ‘‘उम्मीद है कि आप (रावत) इस बात को समझेंगे कि इस समय ऐसा कोई भी समानांतर कार्यक्रम पार्टी के हित में नहीं होगा।

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