गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र में हाईस्कूल टॉपर प्रिंस निषाद (17) ने गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप होने पर ताल में कूदकर सुसाइड किया था। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई। मरने से पहले सुसाइड नोट में अलविदा भी लिखा था। जिसे गर्लफ्रेंड के इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। इन साक्ष्यों को साथ पढ़ने वाली नाबालिग गर्लफ्रेंड और उसके दोस्त ने डिलीट कर दिया था। गर्लफ्रेंड ने बात करने से भी इन्कार किया था। इस घटना में चिलुआताल पुलिस ने साक्ष्यों को देखते हुए सोमवार को गर्लफ्रेंड और दोस्त के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। दोनों को बाल न्यायालय के सामने पेश कर कानूनी कार्रवाई की है। तीन साल से चल रहा था अफेयर प्रिंस का साथ पढ़ने वाली छात्रा से तीन साल से अफेयर चल रहा था। इधर परिजनों को पता चलने पर दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई थी। दोनों ने एक इंस्टाग्राम अकाउंट भी बनाया था। जिसपर दोनों हमेशा बातें करते थे। उसका पासवर्ड भी केवल इन्हीं दोनों को पता था। बातचीत बंद होने के बाद प्रिंस अवसाद में रहने लगा था। स्कूल में प्रिंस हाईस्कूल टॉपर था। वहीं गर्लफ्रेंड सेकेंड टॉपर थी। दोनों के अफेयर के बारे में स्कूल में भी काफी चर्चा थी। 23 सितंबर को प्रिंस ने काफी देर तक इंस्टाग्राम के माध्यम से छात्रा से बात करने की कोशिश की थी। बात न हो पाने पर उसने सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसे बाद में गर्लफ्रेंड ने डिलीट कर दिया था। मोबाइल से आखिरी समय के ढेरों चैट डिलीट किए गए। इसमे साथ में पढ़ने वाले एक अन्य किशोर ने भी उसका साथ दिया। इस आधार पर दोनों के खिलाफ पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की है। अब जानिए पूरा मामला गोरखपुर में हाईस्कूल टॉपर 15 साल के छात्र प्रिंस का शव 28 सितंबर को चिलुआताल में उतराता मिला। वह पांच दिन से लापता था। परिजन ने छात्र से बातचीत करने वाली लड़की के परिवार पर हत्या का आरोप लगाया है। पिता ने बताया- उनके बेटे का क्लास 11 की एक लड़की से लव अफेयर था। इसी वजह से उनके बेटे की हत्या की गई। मामला जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर चिलुआताल थाना क्षेत्र के मोहरीपुर चौराहे के पास का है। प्रिंस ने इसी सत्र में हाईस्कूल पास किया था। वह शहर के बेतियाहाता स्थित मोमेंटम इंस्टीट्यूट में कोचिंग करता था। 23 सितंबर को वह कोचिंग के लिए घर से निकला था, लेकिन क्लास में नहीं पहुंचा। पांच दिन बाद शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। परिवार की तहरीर और पुलिस की जांच के आधार पर पुलिस ने लड़की, उसके माता-पिता और भाई को हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। कोचिंग के लिए निकला, रास्ते से लापता हुआ था प्रिंस मोहम्मदपुर टोला परसौना निवासी नंदकिशोर मोहरीपुर मुख्य चौराहे के पास किराये के मकान में रहते हैं। वह मेडिकल स्टोर चलाते हैं। वह अपनी पत्नी लक्ष्मीना, बेटा प्रिंस और बेटी शालिनी साथ रहते थे। नंदकिशोर ने बताया कि उनका बेटा प्रिंस इसी साल 10वीं में स्कूल टॉप किया था। 23 सितंबर की सुबह करीब 8 बजे वह कैंट थाना क्षेत्र के बेतियाहाता स्थित इंस्टीट्यूट में कोचिंग के लिए घर से निकला था। लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और कोचिंग में फोन कर जानकारी ली। वहां पता चला कि प्रिंस कोचिंग पहुंचा ही नहीं था। उस दिन उसकी परीक्षा भी थी। इसके बाद परिजनों ने उसके दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। नंदकिशोर ने चिलुआताल पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच शुरू की। जांच में मोबाइल की आखिरी लोकेशन पीपीगंज क्षेत्र में मिली। इसके बाद फोन बंद हो गया। पुलिस ने घर से लेकर पीपीगंज तक के रास्ते के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। पांच दिन बाद चिलुआताल में मिला शव 28 सितंबर की शाम गांव वालों ने चिलुआताल में एक शव उतराता देखा। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पीआरवी और थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला। शव सड़ा-गला था। पुलिस ने प्रिंस के घरवालों को सूचना दी। नंदकिशोर ने कपड़ों से शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद परिजन और ग्रामीण पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। यहां उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष सूरज सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। नंदकिशोर ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे से एक लड़की बात करती थी। उनका आरोप है कि इसी वजह से प्रिंस का अपहरण कर उसकी हत्या की गई और शव चिलुआताल में फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद कैंपियरगंज के सिसई घाट पर अंतिम संस्कार बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रिंस की बॉडी का 3 बजे पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान पोस्टमार्टम हाउस मेंलोगों की भीड़ लगी रही। इसको देखते हुए चार थानों की फोर्स के साथ पुलिस अधिकारी भी वहां जमे रहे। यहां से शव को एंबुलेंस से कैंपियरगंज के सिसई घाट ले जाया गया। जहां पर कैंपियरगंज विधायक फतेह बहादुर सिंह, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, सपा नेत्री काजल निषाद समेत हजारों लोगों की भीड़ पहुंची। शाम करीब 5 बजे घाट पर पिता ने बेटे को मुखाग्नि दी। पुलिस बोली- प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला, चार हिरासत में पुलिस ने उसी रात साथ पढ़ने वाली छात्रा, उसके दोस्त और माता-पिता को हिरासत में लिया। सभी से अलग-अलग पूछताछ शुरू की। मोबाइल की जांच में कई अहम साक्ष्य मिले। जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

