देशभर के एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। बांका में एसोसिएशन के सदस्यों और कर्मचारियों ने गांधी चौक पर कैंडल मार्च निकाला। उनकी मुख्य मांगों में होम डिलीवरी शुल्क बढ़ाना, पीएनजी कनेक्शन की अनिवार्यता खत्म करना और ई-केवाईसी के नाम पर लिए जा रहे 236 रुपए के शुल्क को हटाना शामिल है। एसोसिएशन के मुताबिक, देशभर के करीब 26 हजार एलपीजी वितरक आंदोलन में हैं। 6 अक्टूबर को तेल कंपनियों को भुगतान रोकने का फैसला लिया गया है। 26 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिन का धरना भी होगा। वितरकों ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल हो सकती है। बांका के कैंडल मार्च में राजेश साह, कपिश कुमार, दीपक चौधरी, कृष्णा नंद कापरी, मनोज यादव, शंभू यादव, जितेंद्र कुमार और राजेश कुमार समेत कई सदस्य शामिल हुए। देशभर के एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। बांका में एसोसिएशन के सदस्यों और कर्मचारियों ने गांधी चौक पर कैंडल मार्च निकाला। उनकी मुख्य मांगों में होम डिलीवरी शुल्क बढ़ाना, पीएनजी कनेक्शन की अनिवार्यता खत्म करना और ई-केवाईसी के नाम पर लिए जा रहे 236 रुपए के शुल्क को हटाना शामिल है। एसोसिएशन के मुताबिक, देशभर के करीब 26 हजार एलपीजी वितरक आंदोलन में हैं। 6 अक्टूबर को तेल कंपनियों को भुगतान रोकने का फैसला लिया गया है। 26 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिन का धरना भी होगा। वितरकों ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल हो सकती है। बांका के कैंडल मार्च में राजेश साह, कपिश कुमार, दीपक चौधरी, कृष्णा नंद कापरी, मनोज यादव, शंभू यादव, जितेंद्र कुमार और राजेश कुमार समेत कई सदस्य शामिल हुए।

