दुबई, पांच अक्टूबर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) द्वारा खिलाड़ियों को जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी नहीं किए जाने के बाद पाकिस्तान चैंपियंस ने सोमवार को ‘वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (डब्ल्यूसीएल)’ के तीसरे सत्र से नाम वापस ले लिया। टूर्नामेंट में भागीदारी को लेकर टीम प्रबंधन और पीसीबी के बीच बातचीत चल रही थी। टीम के मालिक कामिल खान ने भी बोर्ड से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच गतिरोध दूर नहीं हो सका।पाकिस्तान चैंपियंस ने सोमवार को जारी बयान में कहा, “पाकिस्तान चैंपियंस को यह बताते हुए खेद है कि पीसीबी द्वारा जरूरी एनओसी जारी नहीं करने के फैसले को बरकरार रखने के कारण टीम डब्ल्यूसीएल के मौजूदा सत्र में हिस्सा नहीं ले सकेगी।”
बयान में कहा गया, ‘‘हम पीसीबी के अधिकार और उसके फैसले का सम्मान करते हैं। हमें स्वाभाविक रूप से निराशा है कि हमारे खिलाड़ियों को क्रिकेट के दिग्गजों के इस वैश्विक आयोजन में पाकिस्तान चैंपियंस का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिलेगा। हम अपने खिलाड़ियों, समर्थकों और प्रशंसकों का समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हैं।”
पाकिस्तान चैंपियंस का टूर्नामेंट से हटना पीसीबी और डब्ल्यूसीएल आयोजकों के बीच पिछले साल के विवाद के बाद हुआ है।पिछले सत्र में राजनीतिक तनाव के बीच इंडिया चैंपियंस ने पाकिस्तान चैंपियंस के खिलाफ अपने निर्धारित मुकाबले खेलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पीसीबी ने टूर्नामेंट आयोजकों की आलोचना की थी और लीग में अपने खिलाड़ियों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगा दिए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, पीसीबी कुछ शर्तों के साथ खिलाड़ियों को एनओसी जारी करने पर सहमत था।इनमें पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से इनकार करने को लेकर भारतीय खिलाड़ियों की ओर से लिखित माफी और दोनों टीमों के बीच हाथ मिलाने को लेकर आश्वासन जैसी शर्तें शामिल थीं। रिपोर्टों के अनुसार डब्ल्यूसीएल आयोजकों ने पीसीबी की कुछ शर्तें स्वीकार कर ली थीं, लेकिन माफी और हाथ मिलाने से जुड़ी मांगों को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान चैंपियंस ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया।इस घटनाक्रम के बाद 10 अक्टूबर को होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला भी नहीं खेला जाएगा। पाकिस्तान चैंपियंस डब्ल्यूसीएल के पिछले दोनों सत्र में उपविजेता रहा था। टीम को 2024 में हुए पहले सत्र के फाइनल में इंडिया चैंपियंस से हार मिली थी जबकि 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका चैंपियंस ने उसे शिकस्त दी थी।डब्ल्यूसीएल ने भी सोमवार को पाकिस्तान चैंपियंस के टूर्नामेंट से हटने की पुष्टि की। आयोजकों ने कहा कि तीसरे सत्र में अब छह टीमें हिस्सा लेंगी। डब्ल्यूसीएल ने बयान में कहा, ‘‘आधिकारिक अपडेट: अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण पाकिस्तान चैंपियंस डब्ल्यूसीएल के तीसरे सत्र में हिस्सा नहीं लेगा।डब्ल्यूसीएल का तीसरा सत्र छह टीमों के साथ जारी रहेगा। खेल जारी है और दिग्गजों का मुकाबला भी जारी रहेगा।
दुबई, पांच अक्टूबर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) द्वारा खिलाड़ियों को जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी नहीं किए जाने के बाद पाकिस्तान चैंपियंस ने सोमवार को ‘वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (डब्ल्यूसीएल)’ के तीसरे सत्र से नाम वापस ले लिया। टूर्नामेंट में भागीदारी को लेकर टीम प्रबंधन और पीसीबी के बीच बातचीत चल रही थी। टीम के मालिक कामिल खान ने भी बोर्ड से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच गतिरोध दूर नहीं हो सका।
पाकिस्तान चैंपियंस ने सोमवार को जारी बयान में कहा, “पाकिस्तान चैंपियंस को यह बताते हुए खेद है कि पीसीबी द्वारा जरूरी एनओसी जारी नहीं करने के फैसले को बरकरार रखने के कारण टीम डब्ल्यूसीएल के मौजूदा सत्र में हिस्सा नहीं ले सकेगी।”
बयान में कहा गया, ‘‘हम पीसीबी के अधिकार और उसके फैसले का सम्मान करते हैं। हमें स्वाभाविक रूप से निराशा है कि हमारे खिलाड़ियों को क्रिकेट के दिग्गजों के इस वैश्विक आयोजन में पाकिस्तान चैंपियंस का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिलेगा। हम अपने खिलाड़ियों, समर्थकों और प्रशंसकों का समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हैं।”
पाकिस्तान चैंपियंस का टूर्नामेंट से हटना पीसीबी और डब्ल्यूसीएल आयोजकों के बीच पिछले साल के विवाद के बाद हुआ है।
पिछले सत्र में राजनीतिक तनाव के बीच इंडिया चैंपियंस ने पाकिस्तान चैंपियंस के खिलाफ अपने निर्धारित मुकाबले खेलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पीसीबी ने टूर्नामेंट आयोजकों की आलोचना की थी और लीग में अपने खिलाड़ियों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगा दिए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, पीसीबी कुछ शर्तों के साथ खिलाड़ियों को एनओसी जारी करने पर सहमत था।
इनमें पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से इनकार करने को लेकर भारतीय खिलाड़ियों की ओर से लिखित माफी और दोनों टीमों के बीच हाथ मिलाने को लेकर आश्वासन जैसी शर्तें शामिल थीं। रिपोर्टों के अनुसार डब्ल्यूसीएल आयोजकों ने पीसीबी की कुछ शर्तें स्वीकार कर ली थीं, लेकिन माफी और हाथ मिलाने से जुड़ी मांगों को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान चैंपियंस ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया।
इस घटनाक्रम के बाद 10 अक्टूबर को होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला भी नहीं खेला जाएगा। पाकिस्तान चैंपियंस डब्ल्यूसीएल के पिछले दोनों सत्र में उपविजेता रहा था। टीम को 2024 में हुए पहले सत्र के फाइनल में इंडिया चैंपियंस से हार मिली थी जबकि 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका चैंपियंस ने उसे शिकस्त दी थी।
डब्ल्यूसीएल ने भी सोमवार को पाकिस्तान चैंपियंस के टूर्नामेंट से हटने की पुष्टि की। आयोजकों ने कहा कि तीसरे सत्र में अब छह टीमें हिस्सा लेंगी। डब्ल्यूसीएल ने बयान में कहा, ‘‘आधिकारिक अपडेट: अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण पाकिस्तान चैंपियंस डब्ल्यूसीएल के तीसरे सत्र में हिस्सा नहीं लेगा।
डब्ल्यूसीएल का तीसरा सत्र छह टीमों के साथ जारी रहेगा। खेल जारी है और दिग्गजों का मुकाबला भी जारी रहेगा।
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