31 लाख की धोखाधड़ी में वांछित प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार:प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट कराने के बहाने बनाया शिकार, अप्रैल में दर्ज किया गया था मुकदमा

31 लाख की धोखाधड़ी में वांछित प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार:प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट कराने के बहाने बनाया शिकार, अप्रैल में दर्ज किया गया था मुकदमा

मेरठ में 31 लाख की धोखाधड़ी में वांछित चल रहे एक प्रॉपर्टी डीलर को पल्लवपुरम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने प्रॉपर्टी दिलाने के बहाने यह रकम ठग ली थी। 10 अप्रैल को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया इसके बाद सोमवार को आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। रक्षापुरम मवाना रोड निवासी राजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि वर्ष 2009 में उनकी मुलाकात श्याम सुंदर यादव नाम के प्रॉपर्टी डीलर से हुई थी। धीरे-धीरे श्याम सुंदर यादव ने उन पर भरोसा जमा लिया। मौका पाकर एक दिन श्याम सुंदर यादव ने उनसे 950000 रूपए प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने के नाम पर ले लिए। भरोसा दिलाने को बनाई रसीद
राजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि श्याम सुंदर यादव ने भरोसा दिलाया कि वह 3 साल में रकम को दोगुना कर देगा। 14 जुलाई 2009 को उसने एक रसीद बनाई, जिसमें श्रीजी एनक्लेव रक्षापुरम में स्थित 268.66 वर्ग गज के प्लॉट का भी जिक्र किया। आरोप है कि धीरे-धीरे श्याम सुंदर ने उनसे 23 लाख रूपए ले लिए। एक साल का समय मांगा
पीड़ित राजेंद्र यादव ने बताया कि वह श्याम सुंदर यादव को 23 लाख रुपए दे चुके थे। उन्होंने अपने पैसे का तकादा किया तो श्याम सुंदर ने एक साल का वक्त ले लिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कालिंदी कुंज में मकान दिखाया और 15 सितंबर 2011 को फिर एक रसीद बना दी। 23 लाख रुपए को उसने रसीद में नई प्रॉपर्टी का बयाना दिखा दिया। जिस मकान को दिखाया, वह भी बिका
पीड़ित राजेंद्र यादव ने बताया कि आरोपी ने रोशनपुर डोरली में प्रॉपर्टी दिखाई थी। उसी की रसीद भी तैयार की थी लेकिन 21 जून 2012 को श्यामसुंदर यादव ने बताया कि वह मकान बिक चुका है। उसने फ्लैट संख्या 61 सेकंड फ्लोर पर एक और फ्लैट दिखाया लेकिन उसकी कीमत आठ लाख रूपए अधिक बताकर उनसे 800000 लाख रूपए और ले लिए और गायब हो गया। श्याम सुंदर का चेक भी हो गया बाउंस
पीड़ित राजेंद्र यादव ने बताया कि वह तीन अलग-अलग किस्त में 31 लाख रुपए श्याम सुंदर यादव को दे चुके थे लेकिन उसने फ्लैट नहीं दिलाया। इसके बाद वह तरह-तरह के बहाने बनाते रहा। उसने 130000 का एक चेक भी दिया लेकिन वह भी बाउंस हो गया। उन्होंने पुलिस से मदद मांगी लेकिन पुलिस ने भी कोई मदद नहीं की। एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
लगभग 7 साल परेशान होने के बाद अप्रैल, 2026 में राजेंद्र यादव ने तत्कालीन एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी ने जांच कराई जिसमें आरोपो की पुष्टि हो गई। इसके बाद 10 अप्रैल को आरोपी श्याम सुंदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। तभी से वह फरार चल रहा था।

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