सरकारी जमीन का खेसरा बदला, 2 CO पर जांच:सराधी मौजा में गैरमजरूआ जमीन के दाखिल-खारिज में गड़बड़ी के आरोप

सरकारी जमीन का खेसरा बदला, 2 CO पर जांच:सराधी मौजा में गैरमजरूआ जमीन के दाखिल-खारिज में गड़बड़ी के आरोप

मुंगेर में सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी और उसके आधार पर दाखिल-खारिज के मामले में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। धरहरा अंचल के सराधी मौजा में गैरमजरूआ मालिक जमीन के खेसरा और जमाबंदी में बदलाव से जुड़े मामले में वर्तमान सीओ वीरेंद्र कुमार और पूर्व सीओ पूजा कुमारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। विभागीय संकल्प में आरोप है कि सरकारी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना परिमार्जन किया गया और उसके आधार पर दाखिल-खारिज की कार्रवाई हुई। 10 प्रतिशत की एकमुश्त कटौती का दंड लगा मामले की स्थल जांच में भी बंदोबस्ती परवाना का सत्यापन और दाखिल-खारिज से जुड़े वैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। दोनों अधिकारियों के स्पष्टीकरण और स्थल जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद विभाग ने नियम-17(2) के तहत जांच बैठा दी है। इसी के साथ टेटिया बंबर के तत्कालीन सीओ और सेवानिवृत्त विनोद कुमार गुप्ता के खिलाफ पुराने भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों में विभागीय जांच पूरी कर उपादान की राशि से 10 प्रतिशत की एकमुश्त कटौती का दंड लगाया गया है। सरकारी जमीन का खेसरा बदला, फिर दाखिल-खारिज का आरोप सराधी मौजा में खाता संख्या 457 और खेसरा संख्या 153 की 16 एकड़ 40 डिसमिल जमीन में करीब एक एकड़ जमीन को लेकर विवाद है। विभागीय संकल्प के अनुसार यह जमीन खतियान में गैरमजरूआ खास पुरानी किस्म परती दर्ज है। शिकायतकर्ता संदीप कुमार ने आरोप लगाया कि इस जमीन के कुछ हिस्से को दाखिल-खारिज कर घेराबंदी का रास्ता बनाया गया। मुंगेर में सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी और उसके आधार पर दाखिल-खारिज के मामले में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। धरहरा अंचल के सराधी मौजा में गैरमजरूआ मालिक जमीन के खेसरा और जमाबंदी में बदलाव से जुड़े मामले में वर्तमान सीओ वीरेंद्र कुमार और पूर्व सीओ पूजा कुमारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। विभागीय संकल्प में आरोप है कि सरकारी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना परिमार्जन किया गया और उसके आधार पर दाखिल-खारिज की कार्रवाई हुई। 10 प्रतिशत की एकमुश्त कटौती का दंड लगा मामले की स्थल जांच में भी बंदोबस्ती परवाना का सत्यापन और दाखिल-खारिज से जुड़े वैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। दोनों अधिकारियों के स्पष्टीकरण और स्थल जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद विभाग ने नियम-17(2) के तहत जांच बैठा दी है। इसी के साथ टेटिया बंबर के तत्कालीन सीओ और सेवानिवृत्त विनोद कुमार गुप्ता के खिलाफ पुराने भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों में विभागीय जांच पूरी कर उपादान की राशि से 10 प्रतिशत की एकमुश्त कटौती का दंड लगाया गया है। सरकारी जमीन का खेसरा बदला, फिर दाखिल-खारिज का आरोप सराधी मौजा में खाता संख्या 457 और खेसरा संख्या 153 की 16 एकड़ 40 डिसमिल जमीन में करीब एक एकड़ जमीन को लेकर विवाद है। विभागीय संकल्प के अनुसार यह जमीन खतियान में गैरमजरूआ खास पुरानी किस्म परती दर्ज है। शिकायतकर्ता संदीप कुमार ने आरोप लगाया कि इस जमीन के कुछ हिस्से को दाखिल-खारिज कर घेराबंदी का रास्ता बनाया गया।  

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