मिर्जापुर में जिला मुख्यालय पर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई अमृत जल योजना अब शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। पाइपलाइन बिछाने में मानकों की अनदेखी और गुणवत्ता पर सवाल उठने के कारण जगह-जगह लीकेज की समस्या सामने आ रही है। पानी की आपूर्ति शुरू होते ही धुंधी कटरा मोहल्ले में सड़कों के नीचे से निकल रहा पानी सारी कहानी कह रहा है। इससे सड़कें गड्ढों में तब्दील हो रही हैं और लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। शहर की तमाम गलियों और मुख्य मार्गों को खोदकर पाइपलाइन बिछाई गई। उस समय लोगों को उम्मीद थी कि योजना पूरी होने के बाद घरों तक नियमित और शुद्ध पानी पहुंचेगा। लेकिन पाइपलाइन में लीकेज और सड़क की मरम्मत में लापरवाही के कारण योजना का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में आ गया है। कई स्थानों पर सड़क की हालत पहले से खराब है, वहीं पानी का रिसाव होने के बाद गड्ढे और गहरे होते जा रहे हैं। सुनील चौरसिया ने बताया कि कई दिनों से पानी बह रहा है। पाइपलाइन में लीकेज होने या आसपास की गंदगी के संपर्क में आने के बाद कई जगह नलों से साफ पानी के बजाय गंदा पानी पहुंच रहा है। शहरवासियों ने जिम्मेदार विभाग से मांग की है कि सभी लीकेज वाले स्थानों को चिह्नित कर तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही पाइपलाइन के पानी की गुणवत्ता की जांच कराकर यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों के घरों तक दूषित पानी न पहुंचे। लोगों का कहना है कि योजना का लाभ तभी मिलेगा जब पाइपलाइन मजबूत हो, लीकेज बंद हों और खोदी गई सड़कों को पूरी गुणवत्ता के साथ दुरुस्त कराया जाए।

