मंदसौर शहर के समीप ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए की लगातार आवाजाही और शिकार की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। रविवार को रेवास देवड़ा रोड स्थित ऋषियानंद कुटिया के समीप मक्का के खेत में नीलगाय का शव मिला। किसानों के अनुसार नीलगाय का शिकार तेंदुए ने किया है। शव के आसपास मक्का की फसल भी रौंदी हुई मिली। किसानों को खेत के आसपास बदबू आने पर नीलगाय के शव का पता चला। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। बता दें कि क्षेत्र के बादरपुरा और नरसिंहपुरा में पिछले कुछ समय से तेंदुए की लगातार आवाजाही बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार तेंदुआ गाय और बछड़े के अलावा 10 से अधिक कुत्तों का भी शिकार कर चुका है। पिंजरा लगाया, लेकिन तेंदुआ नहीं आया
ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने कुछ दिन पहले तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। हालांकि तेंदुआ पिंजरे में नहीं आया। किसान संदीप कुमावत ने बताया कि तेंदुआ पिछले दो-तीन महीने से क्षेत्र में लगातार परेशान कर रहा है। कुछ दिन पहले गाय का शिकार किया और अब नीलगाय का शिकार कर लिया। वन विभाग को शिकायत करने के बाद पिंजरा लगाया गया था, लेकिन तेंदुआ उसमें नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की दहशत के कारण खेतों में काम करने के लिए मजदूर भी नहीं आ रहे हैं। हर 4-5 दिन में कर रहा शिकार
जिला वन अधिकारी संजय रायखेरे ने दैनिक भास्कर को बताया कि यह कम उम्र का नर तेंदुआ है। पहले जब उसने गाय के बछड़े का शिकार किया था, तब बछड़े को पिंजरे में रखकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया गया था। तेंदुआ पिंजरे के आसपास घूमता रहा, लेकिन उसमें प्रवेश नहीं किया। DFO ने बताया कि तेंदुआ करीब हर 4-5 दिन में शिकार कर रहा है। कभी गाय, कभी बछड़ा और कभी कुत्ते का शिकार किया जा रहा है। ताजा मामला नीलगाय के शिकार का है। वन विभाग की टीम तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही है। रात में अकेले बाहर नहीं निकलने की सलाह
वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों और शहरवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को रात के समय अकेले बाहर नहीं निकलने, बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक पैनिक नहीं होने और तेंदुआ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।

