डिप्टी-मेयर प्रत्याशी बोलीं- हम पहले ही चुनाव हार गए थे:मैं पर्चा भरने गई तो कांग्रेसी नॉमिनेशन कर चुके थे; पार्षदों ने गद्दारी की

डिप्टी-मेयर प्रत्याशी बोलीं- हम पहले ही चुनाव हार गए थे:मैं पर्चा भरने गई तो कांग्रेसी नॉमिनेशन कर चुके थे; पार्षदों ने गद्दारी की

बीकानेर में नगर निगम चुनाव में डिप्टी मेयर चुनाव में हार के बाद कांग्रेस प्रत्याशी नसीम बानो ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा- जब वो पर्चा दाखिल करने गई, तब वहां पहले से 5 कांग्रेस पार्षद पर्चा भर चुके थे। हम यहीं पर चुनाव हार गए थे, इसके बाद की हार तो महज औपचारिक थी। इस दौरान कांग्रेस नेता और नसीम के ससुर गुलाम मुस्तफा ने साफ कहा है कि जिन पार्षदों ने गद्दारी की है, उन पर कार्रवाई होने से कोई नहीं बचा सकता। बोलीं- मुझे अचानक बताया चुनाव लड़ना है रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों के साथ बातचीत में नसीम बानो ने कहा मैं चुनाव मैदान में नहीं थी। मुझे अचानक से बताया गया कि आपको डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ना है। ये पार्टी स्तर का निर्णय था, क्योंकि सभी पार्षदों की डिमांड थी कि मेयर बीकानेर पश्चिम से है तो डिप्टी मेयर बीकानेर पूर्व से होना चाहिए। माइनोरिटी का होना चाहिए। मैं महिला भी हूं। इसी आधार पर ये निर्णय पार्टी ने जयपुर से लिया था। इसके बाद मैं पर्चा दाखिल करने नगर निगम पहुंची। वहां देखा कि पांच कांग्रेसी पार्षद पहले से डिप्टी मेयर का पर्चा दाखिल कर चुके हैं। मैं तो वहीं पर चुनाव हार गई थी। बाद की हार तो महज औपचारिक थी। कार्रवाई तो होगी : गुलाम मुस्तफा उधर, कांग्रेस से हाल ही में इस्तीफा दे चुके गुलाम मुस्तफा ने कहा है कि जिन लोगों ने पार्टी के खिलाफ जाकर मतदान किया, उनके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। इसके लिए प्रमाण एकत्र कर रहे हैं, जल्द ही पार्टी के सामने रखेंगे। मुस्तफा ने यहां तक कह दिया कि कार्रवाई से कोई बचा नहीं सकता। भले ही स्थानीय नेता डॉ. बी.डी. कल्ला हो या फिर प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा हो। क्या था मामला? दरअसल, बीकानेर निगम चुनाव में कांग्रेस ने नसीम बानो को प्रत्याशी बनाया था। पार्टी के 42 पार्षद थे लेकिन नसीम को 38 वोट मिले। ऐसे में चार पार्षदों ने सीधे सीधे क्रॉस वोटिंग की। हालांकि गुलाम मुस्तफा का आरोप है कि छह से आठ पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की। वो कुछ पार्षदों के नाम लेकर आरोप लगा रहे हैं कि वो भाजपा की विचारधारा के थे, लेकिन टिकट उन्हें दिया गया। प्रत्याशियों को भी हराया आरोप है कि कांग्रेस के प्रत्याशियों को हराने के लिए भी पार्टी के सीनियर नेताओं ने काम किया। भाजपा पार्षदों की जीत का रास्ता खोलकर उनसे क्रॉस वोटिंग तक करवाई गई। कांग्रेस के कई पदाधिकारियों ने भी चुनाव लड़ा लेकिन उनके खिलाफ भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी के पूर्व प्रवक्ता नितिन वत्स ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि जिन पदाधिकारियों ने पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ा, उन्हें पार्टी से बर्खास्त करने में वक्त क्यों लग रहा है?

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