Saas Bahu Aur Bhoot Review: सास-बहू की नोकझोंक भारतीय मनोरंजन का ऐसा फॉर्मूला है, जिसे दर्शक टीवी से लेकर वेब शोज तक कई बार देख चुके हैं। लेकिन अगर इसी कहानी में एक ऐसा भूत शामिल कर दिया जाए, जो इंसानों को डराने के बजाय खुद सास-बहू के झगड़े से परेशान हो जाए, तो मामला थोड़ा अलग जरूर हो जाता है। वेब शो ‘सास बहू और भूत’ इसी अनोखे आइडिया के साथ हॉरर और कॉमेडी को मिलाने की कोशिश करता है।
कैसी है कहानी?
कहानी 1976 के एक पुराने और सुनसान बंगले ‘दीमक धाम’ से शुरू होती है। इस बंगले के एक कमरे में एक भूत करीब 40 साल से कांच की बोतल में कैद है। भूत आजादी का इंतजार कर रहा है और वादा करता है कि जो भी उसे कैद से बाहर निकालेगा, वह सात साल तक उसका गुलाम बनकर रहेगा।
कहानी में असली मजा तब आता है, जब एक परिवार इस बंगले में रहने पहुंचता है। परिवार में सास, बहू, बेटा और ससुर हैं। साथ में घर का पुराना नौकर भी है। सास अपने टिपिकल अंदाज में है, जबकि बहू बेबाक और जवाब देने में माहिर है। दोनों की नोकझोंक शुरू होते ही घर का माहौल बदल जाता है।
इसी दौरान सास-बहू की नजर एक बंद कमरे पर पड़ती है। नौकर उन्हें वहां जाने से रोकता है, लेकिन जिज्ञासा के आगे चेतावनी टिक नहीं पाती। दोनों कमरे में पहुंचती हैं और उन्हें एक लाल रंग की बोतल दिखाई देती है। बोतल को लेकर दोनों के बीच छीना-झपटी होती है और वह टूट जाती है। इसके साथ ही 40 साल से कैद भूत आजाद हो जाता है।
लेकिन भूत को जल्द ही पता चल जाता है कि आजादी उसके लिए मुसीबत बनने वाली है। जिसे इंसानों को डराना था, वही सास-बहू के झगड़े से परेशान होकर कभी सोफे के पीछे तो कभी फ्रिज के ऊपर छिपता नजर आता है। यही उलटफेर शो की सबसे मजेदार बात है।
एक्टिंग कैसी है?
परन गाला और प्राची घिल्डियाल ने सास और बहू के किरदार में अच्छी पकड़ बनाई है। दोनों की नोकझोंक में शो की कॉमेडी सबसे ज्यादा उभरकर आती है। पंकज उपाध्याय का डरा-सहमा भूत भी कई जगह हंसाने में कामयाब रहता है।
मो. मुदस्सिर, साहिल त्यागी, महेंद्र कुमार, मेलानी पेस और रवींद्र कुमार जैसे कलाकार भी कहानी को आगे बढ़ाते हैं। मेलानी पेस इंस्पेक्टर सौदामिनी और रवींद्र कुमार तांत्रिक के किरदार में नजर आते हैं।
मनोरंजन से भरा है ये वेब शो
निर्देशक संकेत श्रीरंग चक्रवर्ती ने इसे गंभीर हॉरर बनाने के बजाय हल्के-फुल्के फैमिली एंटरटेनमेंट के तौर पर पेश किया है। यही इसकी ताकत भी है। शो का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका कॉन्सेप्ट है, जहां भूत डराने के बजाय खुद घरेलू कलेश से परेशान है।
हालांकि, जो दर्शक असली हॉरर या डरावने माहौल की उम्मीद करेंगे, उन्हें शो थोड़ा हल्का लग सकता है। कुछ कॉमेडी सिचुएशन भी टीवी सीरियल वाले परिचित अंदाज की लगती हैं। लेकिन परिवार के साथ हल्का-फुल्का मनोरंजन तलाशने वालों के लिए यह शो ठीक विकल्प है। ये शो 1 अक्टूबर 2026 से RDC TV Channel के यूट्यूब पर स्ट्रीम हो रहा है।
फाइनल वर्डिक्ट
‘सास बहू और भूत’ कोई ऐसा शो नहीं है जो आपको डराकर रातों की नींद उड़ा दे। इसकी असली कोशिश डर पैदा करने से ज्यादा हंसाने की है। सास-बहू की केमिस्ट्री, परेशान भूत और घरेलू ड्रामे का कॉम्बिनेशन कई जगह मजेदार बन पड़ता है। 20-25 मिनट के एपिसोड इसे हल्का और आसानी से देखा जाने वाला मनोरंजन बनाते हैं।

