स्कूलों में 3-16 अक्टूबर तक चलेगा ईट राइट स्कूल अभियान:बच्चों को स्वस्थ खान-पान, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के प्रति किया जाएगा जागरूक

स्कूलों में 3-16 अक्टूबर तक चलेगा ईट राइट स्कूल अभियान:बच्चों को स्वस्थ खान-पान, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के प्रति किया जाएगा जागरूक

बच्चों को स्वस्थ खान-पान, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रदेशभर के स्कूलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। ईट राइट इंडिया के तहत शुरू की गई ईट राइट स्कूल पहल के अंतर्गत 3 से 16 अक्टूबर तक स्कूलों में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित होंगी। अभियान का उद्देश्य बच्चों को अत्यधिक वसा, अधिक मीठे और अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें संतुलित एवं पौष्टिक भोजन के लिए प्रेरित करना है। इस संबंध में निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान ललित कुमार ने आदेश जारी किए हैं। अभियान के दौरान स्कूलों में स्वस्थ भोजन दिवस, पौष्टिक नाश्ता, मोटे अनाज से बने व्यंजन, हाथ धोने का प्रदर्शन, खाद्य पदार्थों के लेबल पढ़ने की गतिविधियां और पोस्टर, नारा व निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए मास्टर/मिस ईट राइट के रूप में छात्र प्रतिनिधि भी चुने जाएंगे। मिलावट पहचानने का मिलेगा प्रशिक्षण अभियान के दौरान मिलावट को पहचानों, मिलावट को हराओ कार्यक्रम के तहत दूध, घी, तेल, मसालों और मिठाइयों सहित रोजमर्रा की खाद्य सामग्री में होने वाली मिलावट के प्रति जागरूक किया जाएगा। खाद्य जांच दल की ओर से जांच का प्रदर्शन किया जाएगा और मिलावट की पहचान के सरल घरेलू तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी। 8 से 13 अक्टूबर तक स्वस्थ थाली पर जोर 8 से 13 अक्टूबर के बीच ‘स्वस्थ राजस्थान-स्वस्थ थाली’ कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें विद्यार्थियों को आदर्श थाली के बारे में जानकारी दी जाएगी। स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के साथ नमक, चीनी और तेल का कम इस्तेमाल करने का संदेश दिया जाएगा। फल, सब्जियां, दाल, दूध-दही और मोटे अनाज को भोजन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्कूलों में प्रश्नोत्तरी के साथ आदर्श थाली का प्रदर्शन भी होगा। खरीदारी से पहले लेबल पढ़ने की सीख 14 से 16 अक्टूबर तक ‘लेबल पढ़ें-सही और सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करें’ अभियान चलेगा। इसके तहत पैकेट बंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय जरूरी जानकारी जांचने के लिए आमजन को जागरूक किया जाएगा। लोगों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की लाइसेंस या पंजीकरण संख्या, निर्माण एवं पैकिंग की तारीख, उपयोग की अंतिम तारीख, सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी तथा शाकाहारी-मांसाहारी और एलर्जी संबंधी चिन्हों को पढ़ने की जानकारी दी जाएगी। स्कूलों में मिलावट पकड़ो-वैज्ञानिक बनो गतिविधि और उपभोक्ता जागरूकता प्रश्नोत्तरी आयोजित होगी। आमजन की ओर से लाए गए खाद्य नमूनों की मौके पर जांच की जानकारी देने के साथ मोटे अनाज के प्रचार के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, पर्यटन स्थलों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी जागरूकता गतिविधियां होंगी। स्वस्थ जीवनशैली का दिलाया जाएगा संकल्प अभियान के अंतिम चरण में विद्यार्थियों और आमजन को पैकेट बंद भोजन खरीदने से पहले उसका लेबल पढ़ने, भोजन में नमक, तेल और चीनी की मात्रा कम करने, सप्ताह में कम से कम तीन दिन मोटे अनाज का सेवन करने, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग या शारीरिक व्यायाम करने और भोजन की बर्बादी नहीं करने का संकल्प दिलाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर स्कूलों में गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अभियान के कारण नियमित शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हो। खाद्य सुरक्षा विभाग की पहल खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान के आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की पहल की थी। शिक्षक संघ ने बताया जरूरी कदम शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा- बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदतें बचपन से विकसित करना जरूरी है। स्कूलों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा, मिलावट और पौष्टिक भोजन को लेकर जागरूकता बढ़ने से विद्यार्थी स्वयं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ परिवार और समाज को भी जागरूक करने में भूमिका निभा सकेंगे। उन्होंने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी को जरूरी बताया।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *