शिवपुर क्षेत्र के भवानीपुर में शनिवार को महिलाओं ने अपनी संतान की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना के साथ जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत का श्रद्धापूर्वक पूजन किया। इस पावन अवसर पर पूजा स्थल पर व्रती महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने कठिन निर्जला उपवास रखकर विधि-विधान से भगवान जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना की। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा जीमूतवाहन ने नागवंश के एक बालक की रक्षा के लिए अपने प्राणों का त्याग करने का संकल्प लिया था। उनके इसी अद्वितीय त्याग और परोपकार को याद करते हुए माताएं अपनी संतान की रक्षा और मंगलकामना के लिए यह व्रत रखती हैं। स्थानीय निवासी भानु प्रताप श्रीवास्तव ने बताया कि भवानीपुर के इस स्थान पर पिछले 65-70 वर्षों से महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से जिउतिया की पूजा करने की ऐतिहासिक परंपरा चली आ रही है। शनिवार दोपहर तीन बजे से शुरू हुआ यह भक्तिमय पूजन कार्यक्रम शाम करीब पांच बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

