छिंदवाड़ा के बहुचर्चित कफ सिरप कांड में 26 बच्चों की मौत के बाद निलंबित किए गए 2 ड्रग इंस्पेक्टरों को 11 महीने के भीतर बहाल कर दिया गया है। गौरव शर्मा और शरद कुमार जैन को 6 अक्टूबर 2025 को निलंबित किया गया था। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच अभी चल रही है और एसटीएफ भी मामले की जांच कर रही है। इसके बावजूद 23 सितंबर को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त नियंत्रक टीना यादव के हस्ताक्षर से दोनों की बहाली के आदेश जारी कर दिए गए। खास बात यह है कि बहाली के लिए शासन की सहमति नहीं ली गई। भास्कर ने इस बारे में स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल से पूछा तो उन्होंने कहा, ‘शासन की सहमति के बिना औषधि निरीक्षकों की बहाली की जानकारी मेरे संज्ञान में आई है। ऐसा क्यों किया गया, इसकी जांच कराने और संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश उच्चाधिकारियों को दिए हैं।’ यही नहीं, बहाली के बाद गौरव शर्मा को छिंदवाड़ा से हटाकर गुना में उप संचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं, शरद कुमार जैन को जबलपुर में ही उप संचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पद पर पदस्थ किया गया है। वे पहले भी यहीं पदस्थ थे। जांच अधूरी, जवाब भी नामंजूर… जॉइंट ड्रग कंट्रोलर ने किस आधार पर बहाली की? जॉइंट ड्रग कंट्रोलर टीना यादव के आदेश पर गौरव शर्मा और शरद कुमार जैन को 23 सितंबर को बहाल कर दिया गया। आदेश में विभागीय जांच जारी रखने की बात कही गई है। शरद फिर से जबलपुर में तैनात, डिप्टी ड्रग कंट्रोलर की बहाली की भी तैयारी गौरव शर्मा और शरद कुमार जैन को 6 अक्टूबर 2025 को निलंबित किया गया। दोनों के जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर 19 फरवरी 2026 को विभागीय जांच शुरू हुई, जो अभी जारी है। इसके बावजूद दोनों बहाल हो चुके हैं। शरद को दोबारा जबलपुर में ही पदस्थ किया गया है। सवाल है कि जांच के बीच उसी जगह पदस्थ करने से जांच प्रभावित होने की आशंका आखिर कैसे दूर होगी? इधर, मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की जमानत याचिका हाई कोर्ट खारिज कर चुका है। यानी एसटीएफ और विभागीय जांच जारी रहने के बीच 2 अफसर बहाल हो चुके हैं और तीसरे की बहाली की प्रक्रिया चल रही है। सिरप कांड के बाद निलंबित डिप्टी ड्रग कंट्रोलर शोभित कोष्ठा की बहाली की फाइल भी शासन पहुंच गई है। उन्हें बहाल कर दोबारा मुख्यालय में पदस्थ करने का प्रस्ताव है। संचालक स्वास्थ्य एवं कंट्रोलर फूड एंड ड्रग मनोज पुष्प ने कहा कि दोनों अधिकारियों की विभागीय जांच चल रही है। जांच के बाद तय होगा कि आगे क्या कार्रवाई की जानी है।

