पहले हत्यारों को गिरफ्तार करो, फिर बेटी का अंतिम संस्कार करेंगे… 23 वर्षीय एलएलबी छात्रा रूचि पाल के परिजनों का यह आक्रोश शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस में देखने को मिला। आरोपी की गिरफ्तारी और जेल भेजने की मांग को लेकर परिजनों ने करीब तीन घंटे तक जमकर बवाल काटा। बाद में गिरफ्तारी के आश्वसन पर शांत हुए। 28 सितंबर की शाम लापता हुई थी छात्रा दबौली वेस्ट से 28 सितंबर की शाम लापता हुई छात्रा का शव शुक्रवार को झांसी रेलवे लाइन किनारे 15 फिट गहरी झाड़ियों में मिला था। शनिवार को पैनल से पोस्टमार्टम और वीडियोग्राफी के बाद परिजनों ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया। उनका आरोप था कि छात्रा के साथ कोचिंग पढ़ने वाले दोस्त ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की है। उर्सला अस्पताल के डाक्टर आशीष कुमार और कल्याणपुर सीएचसी की डाक्टर गरिमा सक्सेना के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। छात्रा के शव से सिर गायब हो चुका था, सिर के नाम पर मात्र कंकाल मिला। रिपोर्ट में छात्रा की खोपड़ी में फ्रैक्चर और अंदरूनी हिस्से में क्षति मिली है। शव करीब पांच से छह दिन पुराना बताया गया है। शरीर के खोपड़ी समेत अन्य हिस्सों में कीड़े पड़ चुके थे। मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने पर विसरा सुरक्षित किया गया है। DNA परीक्षण के लिए दांत, बाल, नाखून के नमूने भेजे डीएनए परीक्षण के लिए घटनास्थल से मिले बाल और शव से दांत व नाखून के नमूने भी लिए गए हैं। इसके साथ ही रेप की आशंका के चलते स्लाइड भी तैयार की गई है। इन जांचों की रिपोर्ट से पुलिस की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। छात्रा के पिता विमल कुमार पाल का आरोप है कि बेटी के लापता होने के बाद दादानगर फैक्ट्री एरिया चौकी पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। उनका कहना है कि तीसरे दिन गुमशुदगी दर्ज की गई। इसके बाद परिवार ने खुद आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और रेलवे लाइन के आसपास तलाश शुरू की। शुक्रवार को रेलवे लाइन किनारे छात्रा की चप्पल मिली। परिवार ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। आरोप है कि इसके बाद भी तत्काल गंभीरता नहीं दिखाई गई। परिवार के दबाव के बाद पुलिस रेलवे लाइन के पास पहुंची तो झाड़ियों में छात्रा का शव पड़ा मिला। पहले ट्रेन एक्सीडेंट, फिर संदिग्ध मौत का पंचायतनामा में किया जिक्र शनिवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले परिजनों ने डाक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी की मांग की। पोस्टमार्टम चिकित्सक ने पुलिस को बताया कि पहले पंचायतनामा में ट्रेन दुर्घटना से मौत का जिक्र किया गया था। ऐसे मामलों में वीडियोग्राफी नहीं कराई जाती। वीडियोग्राफी के लिए दूसरा पंचायतनामा तैयार कराने को कहा गया। रतनलाल चौकी प्रभारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने अधिकारियों को जानकारी देकर दूसरा पंचायतनामा तैयार कराया। इसमें मौत का कारण संदिग्ध दर्शाया गया। दोपहर 2:15 बजे दूसरा पंचायतनामा पहुंचने के बाद पैनल और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम शुरू हो सका। प्रक्रिया शाम तक चली। शाम 5:45 पर पोस्टमार्टम पूरा हुआ, इसके बाद परिजन फिर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। करीब शाम छह बजे शुरू हुआ हंगामा काफी समझाने के बाद रात नौ बजे खत्म हो सका। इस दौरान सपा नेता सम्राट विक्रम भी पीड़ित परिवार की ओर पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद रहे। गोविंद नगर इंस्पेक्टर अशोक दुबे ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिवार वाले अड़े हुए थे। जल्द गिरफ्तारी और कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिवार वाले शव ले जाने को तैयार हो गए।

