राजकोट. शहर के याज्ञिक रोड स्थित पुरानी जगन्नाथ शेरी में रहने वाली सेवानिवृत्त बुजुर्ग चिकित्सक दमयंती गणात्रा को साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डराकर 58.50 लाख रुपये ठग लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने बैंक खातों की जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच शुरू की और अहमदाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें अहमदाबाद का दर्शन मकवाणा और भावनगर का शुभम परमार शामिल है।
पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर को बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप पर कॉल कर खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस थाने का पीएसआइ संजयसिंह बताया। कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ्तार बैंक मैनेजर के घर से उनके नाम का आधार कार्ड और एटीएम कार्ड मिला है। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वर्दी पहने एक व्यक्ति को डीसीपी बताकर बुजुर्ग महिला से वीडियो कॉल पर बात कराई। उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई। साथ ही वरिष्ठ नागरिक होने का हवाला देते हुए घर में ही ‘हाउस अरेस्ट’ रखने की बात कही गई और परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी नहीं देने का दबाव बनाया गया।
बैंक खातों और म्यूचुअल फंड की रकम ट्रांसफर कराई
आरोपियों ने कथित तौर पर मुंबई हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए महिला से कहा कि उनके सभी बैंक खातों और म्यूचुअल फंड में जमा रकम को जांच के लिए बताए गए खातों में ट्रांसफर करना होगा। आरोपियों की बातों में आकर पीडि़ता ने अपने खाते से 58.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम हासिल करने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर व्हाट्सएप का पूरा डेटा डिलीट करवा दिया और दो दिन में रकम ब्याज सहित वापस करने का भरोसा दिलाया। दो दिन बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली तो दमयंतीबेन ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद राजकोट साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 4 चार मोबाइल और एक लैपटॉप जब्त किया। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी अहमदाबाद में कारखाना चलाते हैं।
6 प्रतिशत कमीशन के लालच में साइबर ठगों को किराए पर दिया था खाता, खाते में 2.50 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन मिले
आरोप है कि 6 प्रतिशत कमीशन के लालच में उन्होंने अपनी फर्म का चालू खाता साइबर ठगों को इस्तेमाल के लिए दिया था। पुलिस के अनुसार, इस चालू खाते में करीब 2.50 करोड़ रुपए जमा होने का खुलासा हुआ। पुलिस अब इस मामले के मुख्य सूत्रधार और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के प्रयास कर रही है।

