Bihar News: जन सुराज के प्रशांत किशोर ने बिहार के शिक्षकों के लिए 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कराने को लेकर बड़ा दावा किया। बोले- ऐसा नहीं हुआ तो 2029 में वोट नहीं मांगूंगा।
Bihar MLC Election 2026: बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी के बीच जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने शिक्षकों के मुद्दे पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगर बिहार के शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं करा पाए तो वह 2029 में वोट मांगने नहीं जाएंगे। प्रशांत किशोर शनिवार को सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के उम्मीदवार आफाक अहमद के नामांकन के मौके पर आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। हेमनगर स्थित एचएस सिटी गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षकों के वेतनमान समेत कई मुद्दों पर पार्टी की प्राथमिकताएं गिनाईं और आफाक अहमद के समर्थन में मतदान की अपील की।
‘2029 में वोट मांगने नहीं जाऊंगा’
सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा की अगर मैं बिहार के शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं करा पाया तो 2029 में वोट मांगने नहीं जाऊंगा। उन्होंने कहा कि आफाक अहमद को चुनाव में जीत मिलती है तो जन सुराज की जिम्मेदारी होगी कि लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाया जाए। प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में शिक्षकों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने रोजगार और शिक्षकों के वेतनमान को जन सुराज की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए पार्टी के उम्मीदवार के लिए समर्थन मांगा।
पिछले चुनाव का भी किया जिक्र
प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के समय उनके पास न कोई राजनीतिक दल था और न ही संगठन। इसके बावजूद शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं ने आफाक अहमद का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि इस बार जन सुराज के पास संगठन और कार्यकर्ताओं की ताकत है। ऐसे में पार्टी अपने उम्मीदवार को मजबूत तरीके से चुनाव मैदान में उतार रही है।
8 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया चल रही है। इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल और उम्मीदवार प्रचार में जुटे हैं। प्रशांत किशोर भी जन सुराज उम्मीदवारों के समर्थन में अलग-अलग क्षेत्रों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इस दौरान वह शिक्षकों, युवाओं, रोजगार और वेतनमान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं।

