बेली ब्रिज बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच शुरू हुई जहाज सेवा पर जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और जहाजों पर रील बनाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर जहाज सेवा, बेली ब्रिज या गंगा में आवागमन को लेकर गलत या अधूरी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस की सोशल मीडिया टीम ऐसे पोस्ट और वीडियो पर नजर रख रही है। प्रशासन ने कहा कि बिना तथ्य की जानकारी फैलाकर डर या भ्रम पैदा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जहाज यात्रा को पिकनिक या रील बनाने का मंच न समझा जाए। जहाज के किनारे खड़े होकर सेल्फी लेना, असुरक्षित जगह पर वीडियो बनाना या सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। एक रील के लिए जिंदगी दांव पर न लगाएं। प्रशासन की अपील- रील या सेल्फी के लिए जान जोखिम में न डालें गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है और नदी का बहाव भी तेज है। ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की रील या एक सेल्फी के लिए अपनी जान को खतरे में न डालें। डीएम अलंकृता पांडेय ने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को केवल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए सुरक्षित साधनों से ही नदी पार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि कोई व्यक्ति छोटी नाव से कुछ मिनट में नदी पार कर जाए, लेकिन केवल समय बचाने के लिए ऐसा करना सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। पांच मिनट बचाने के चक्कर में जिंदगी खतरे में न डालें प्रशासन का साफ संदेश है कि कुछ मिनट बचाने के लिए अवैध या असुरक्षित नाव का सहारा लेना समझदारी नहीं है। छोटी नाव, बिना सुरक्षा इंतजाम के नदी पार करना या क्षमता से अधिक लोगों को लेकर चलने वाली नावों का इस्तेमाल दुर्घटना का कारण बन सकता है। अधिकारियों ने अवैध नाव संचालन और असुरक्षित तरीके से गंगा पार कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षित साधन उपलब्ध होने के बावजूद लोग अगर जोखिम उठाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। एसएसपी ने रीलबाजों को भी दी चेतावनी एसएसपी प्रमोद कुमार ने सोशल मीडिया के लिए रील और वीडियो बनाने वालों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में नदी, नाव और पुल के आसपास खतरनाक स्थानों पर जाकर रील बनाने का चलन बढ़ा है। सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड का वीडियो भले ही आकर्षक लगे, लेकिन ऐसी जगहों पर जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहाज पर सफर के दौरान निर्धारित स्थान पर ही रहें और चालक दल तथा सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। जहाज के किनारे झुककर सेल्फी लेना, खतरनाक तरीके से खड़े होकर वीडियो बनाना या सुरक्षा घेरा पार करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अफवाह फैलाई तो सोशल मीडिया टीम करेगी निगरानी बेली ब्रिज बंद होने और जहाज सेवा शुरू होने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की सूचनाएं तेजी से प्रसारित हो रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या पोस्ट को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं। पुलिस की सोशल मीडिया टीम लगातार ऐसे पोस्ट और वीडियो पर नजर रख रही है, जिनसे लोगों में भ्रम या अफवाह फैल सकती है। प्रशासन का कहना है कि जानबूझकर गलत सूचना फैलाने या भ्रामक वीडियो के जरिए लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का संदेश- सुरक्षित सफर करें, वायरल होने के चक्कर में खतरा न मोल लें फिलहाल प्रशासन की कोशिश है कि बेली ब्रिज बंद रहने के दौरान जहाज सेवा के जरिए लोगों का आवागमन सुरक्षित और व्यवस्थित बना रहे। इसके लिए जहाजों के परिचालन से लेकर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था तक पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों को दो टूक संदेश दिया है कि गंगा में सफर जरूरत के लिए करें, रोमांच के लिए नहीं। सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं है। एक गलत कदम जिंदगी भर का पछतावा बन सकता है। बेली ब्रिज बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच शुरू हुई जहाज सेवा पर जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और जहाजों पर रील बनाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर जहाज सेवा, बेली ब्रिज या गंगा में आवागमन को लेकर गलत या अधूरी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस की सोशल मीडिया टीम ऐसे पोस्ट और वीडियो पर नजर रख रही है। प्रशासन ने कहा कि बिना तथ्य की जानकारी फैलाकर डर या भ्रम पैदा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जहाज यात्रा को पिकनिक या रील बनाने का मंच न समझा जाए। जहाज के किनारे खड़े होकर सेल्फी लेना, असुरक्षित जगह पर वीडियो बनाना या सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। एक रील के लिए जिंदगी दांव पर न लगाएं। प्रशासन की अपील- रील या सेल्फी के लिए जान जोखिम में न डालें गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है और नदी का बहाव भी तेज है। ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की रील या एक सेल्फी के लिए अपनी जान को खतरे में न डालें। डीएम अलंकृता पांडेय ने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को केवल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए सुरक्षित साधनों से ही नदी पार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह संभव है कि कोई व्यक्ति छोटी नाव से कुछ मिनट में नदी पार कर जाए, लेकिन केवल समय बचाने के लिए ऐसा करना सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। पांच मिनट बचाने के चक्कर में जिंदगी खतरे में न डालें प्रशासन का साफ संदेश है कि कुछ मिनट बचाने के लिए अवैध या असुरक्षित नाव का सहारा लेना समझदारी नहीं है। छोटी नाव, बिना सुरक्षा इंतजाम के नदी पार करना या क्षमता से अधिक लोगों को लेकर चलने वाली नावों का इस्तेमाल दुर्घटना का कारण बन सकता है। अधिकारियों ने अवैध नाव संचालन और असुरक्षित तरीके से गंगा पार कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षित साधन उपलब्ध होने के बावजूद लोग अगर जोखिम उठाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। एसएसपी ने रीलबाजों को भी दी चेतावनी एसएसपी प्रमोद कुमार ने सोशल मीडिया के लिए रील और वीडियो बनाने वालों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में नदी, नाव और पुल के आसपास खतरनाक स्थानों पर जाकर रील बनाने का चलन बढ़ा है। सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड का वीडियो भले ही आकर्षक लगे, लेकिन ऐसी जगहों पर जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहाज पर सफर के दौरान निर्धारित स्थान पर ही रहें और चालक दल तथा सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। जहाज के किनारे झुककर सेल्फी लेना, खतरनाक तरीके से खड़े होकर वीडियो बनाना या सुरक्षा घेरा पार करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अफवाह फैलाई तो सोशल मीडिया टीम करेगी निगरानी बेली ब्रिज बंद होने और जहाज सेवा शुरू होने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की सूचनाएं तेजी से प्रसारित हो रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या पोस्ट को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं। पुलिस की सोशल मीडिया टीम लगातार ऐसे पोस्ट और वीडियो पर नजर रख रही है, जिनसे लोगों में भ्रम या अफवाह फैल सकती है। प्रशासन का कहना है कि जानबूझकर गलत सूचना फैलाने या भ्रामक वीडियो के जरिए लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का संदेश- सुरक्षित सफर करें, वायरल होने के चक्कर में खतरा न मोल लें फिलहाल प्रशासन की कोशिश है कि बेली ब्रिज बंद रहने के दौरान जहाज सेवा के जरिए लोगों का आवागमन सुरक्षित और व्यवस्थित बना रहे। इसके लिए जहाजों के परिचालन से लेकर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था तक पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों को दो टूक संदेश दिया है कि गंगा में सफर जरूरत के लिए करें, रोमांच के लिए नहीं। सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं है। एक गलत कदम जिंदगी भर का पछतावा बन सकता है।

