मवेशी चराने गए ग्रामीण पर बाघ का हमला:गले-पीठ पर गहरे घाव; चिल्लाने पर लाठी-डंडे लेकर पहुंचे लोग, तब बची जान

मवेशी चराने गए ग्रामीण पर बाघ का हमला:गले-पीठ पर गहरे घाव; चिल्लाने पर लाठी-डंडे लेकर पहुंचे लोग, तब बची जान

कटनी में बांधवगढ़ नेशनल पार्क से लगे बरही वन परिक्षेत्र की मचमचा बीट में शनिवार दोपहर एक बाघ ने 50 वर्षीय चरवाहे पर हमला कर दिया। ग्रामीण को गले के पास घाव बना है। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ उसे छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला। वन विभाग ने पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है और इलाके में गश्त बढ़ा दी है। मचमचा गांव निवासी कोमल सिंह (50, पिता रामकृपाल सिंह) शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जंगल में मवेशी चराने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनके गले व पीठ पर वार कर दिया। ग्रामीणों की मुस्तैदी से बची जान कोमल सिंह की चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद अन्य चरवाहे और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों के एकसाथ मिलकर शोर मचाने पर बाघ घायल को छोड़कर जंगल के भीतर भाग गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अस्पताल में भर्ती, कटनी रेफर घटना की जानकारी मिलते ही रेंजर के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल को तुरंत बरही के सरकारी अस्पताल ले गई। गले और पीठ पर गहरे घाव होने व अत्यधिक खून बहने के कारण प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें कटनी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जंगल में गश्त बढ़ाई, वन विभाग की अपील घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त तेज कर दी है। बरही वन परिक्षेत्र के रेंजर धनपत सिंह ने बताया कि मचमचा बीट बांधवगढ़ नेशनल पार्क की सीमा से सटी हुई है, जहां हिंसक वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। उन्होंने ग्रामीणों से सुरक्षा बरतने की अपील करते हुए मवेशियों को जंगल के भीतर या संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में न ले जाने की सलाह दी है।

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