मैहर गौरव दिवस (5 अक्टूबर) को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार 3,000 से अधिक बच्चे और कलाकार एक साथ कथक नृत्य की प्रस्तुति देकर मैहर का नाम ‘एशियन वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज कराने का प्रयास करेंगे। इसी सिलसिले में शनिवार को एक बड़ा रिहर्सल आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने ताल और लय के साथ कथक की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास किया। रिहर्सल के दौरान मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी और अपर कलेक्टर रोशन राय भी उपस्थित रहे। पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ नया लक्ष्य पिछले वर्ष मैहर गौरव दिवस के अवसर पर करीब 1,500 बच्चों ने एक साथ कथक नृत्य प्रस्तुत कर रिकॉर्ड बनाया था। इस बार आयोजकों ने अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 3,200 कलाकारों का नया लक्ष्य तय किया है। संगीत परंपरा को मिलेगी नई पहचान कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने बताया कि 5 अक्टूबर की मुख्य प्रस्तुति के लिए बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नियमित रिहर्सल कराकर प्रतिभागियों को निर्धारित ताल और लय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य मैहर की समृद्ध संगीत और कला परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाना है।

