सदर अस्पताल जमुई में गंभीर संक्रमण से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के प्रसव को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। अब हेपेटाइटिस, एचआईवी पॉजिटिव या अन्य गंभीर संक्रमण से पीड़ित गर्भवती महिलाओं का प्रसव आवश्यक सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल के तहत सदर अस्पताल में ही कराया जा सकेगा। इससे ऐसी गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए पटना रेफर किए जाने की आवश्यकता कम होने की उम्मीद है। डीएस डॉक्टर थानीश कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में पहली बार चिकित्सकीय टीम ने निर्धारित संक्रमण नियंत्रण मानकों का पालन करते हुए एक एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में दोनों की आवश्यक देखभाल की जा रही है। बताया गया कि एचआईवी या अन्य गंभीर संक्रमण से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान संक्रमण नियंत्रण और चिकित्सकीय सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। पूर्व में ऐसी गर्भवती महिलाओं को संक्रमण के संभावित जोखिम और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया जाता था। इससे मरीज और परिजनों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब सदर अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। चिकित्सकीय टीम को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार प्रसव कराने की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार को हुए प्रसव के दौरान भी टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरी सावधानी के साथ प्रक्रिया पूरी की। सदर अस्पताल में इस तरह की सुविधा उपलब्ध होने से गंभीर संक्रमण से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उपचार और प्रसव की सुविधा मिल सकेगी। इससे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी और अनावश्यक रेफरल की स्थिति कम हो सकती है। सदर अस्पताल जमुई में गंभीर संक्रमण से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के प्रसव को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। अब हेपेटाइटिस, एचआईवी पॉजिटिव या अन्य गंभीर संक्रमण से पीड़ित गर्भवती महिलाओं का प्रसव आवश्यक सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल के तहत सदर अस्पताल में ही कराया जा सकेगा। इससे ऐसी गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए पटना रेफर किए जाने की आवश्यकता कम होने की उम्मीद है। डीएस डॉक्टर थानीश कुमार ने बताया कि सदर अस्पताल में पहली बार चिकित्सकीय टीम ने निर्धारित संक्रमण नियंत्रण मानकों का पालन करते हुए एक एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में दोनों की आवश्यक देखभाल की जा रही है। बताया गया कि एचआईवी या अन्य गंभीर संक्रमण से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान संक्रमण नियंत्रण और चिकित्सकीय सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। पूर्व में ऐसी गर्भवती महिलाओं को संक्रमण के संभावित जोखिम और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया जाता था। इससे मरीज और परिजनों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब सदर अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। चिकित्सकीय टीम को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार प्रसव कराने की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार को हुए प्रसव के दौरान भी टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरी सावधानी के साथ प्रक्रिया पूरी की। सदर अस्पताल में इस तरह की सुविधा उपलब्ध होने से गंभीर संक्रमण से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उपचार और प्रसव की सुविधा मिल सकेगी। इससे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी और अनावश्यक रेफरल की स्थिति कम हो सकती है।

