Saran में Gandak River का तटबंध टूटने से बढ़ी तबाही, 19 बचाव दल तैनात

Saran में Gandak River का तटबंध टूटने से बढ़ी तबाही, 19 बचाव दल तैनात

पटना, दो अक्टूबर बिहार में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और राहत के कोई संकेत नहीं दिख रहे। शुक्रवार को गंडक नदी का पानी तटबंध टूटने के बाद सारण जिले के नए इलाकों में फैल गया। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बाद गंडक, गंगा, कोसी, बागमती और घाघरा नदियों का जलस्तर कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।

जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गंडक नदी के उफान पर होने के कारण सारण, गोपालगंज, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, वैशाली, सुपौल और पटना समेत कई जिलों में तटबंधों पर खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर बाएं और दाएं दोनों तटबंधों पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ रहा है। सारण में और अधिक खेत, घर और सड़कें बाढ़ के पानी में डूबने के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने एक बयान में बताया कि जिले में एनडीआरएफ की 12 और एसडीआरएफ की सात टीम तैनात की गई हैं। बयान में कहा गया है कि बाढ़ का पानी विभिन्न इलाकों में फैलने के बाद बेतिया, गोपालगंज, भागलपुर, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से अतिरिक्त टीम भी भेजी गई हैं। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से 3,000 से ज्यादा राशन के पैकेट पहले ही हवाई मार्ग से पहुंचाए जा चुके हैं।

शाम तक 5,000 से ज्यादा और पैकेट भेजे जाने की उम्मीद है। विभाग ने बताया कि एनडीआरएफ की 12 टीमों में 360 प्रशिक्षित जवान हैं और वे 50 से ज्यादा नावों की मदद से राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं। एसडीआरएफ की टीमों में 140 से ज्यादा प्रशिक्षित जवान हैं और उनके पास 36 से ज्यादा नावें हैं।

विभाग ने बताया कि पूरे राज्य से सारण में राहत सामग्री भी तेजी से भेजी जा रही है। बयान में कहा गया है कि जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री बांटने, बचाव अभियान और जरूरी सेवाओं की उपलब्धता के लिए समन्वय कर रहा है।

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