पितृपक्ष महासंगम में श्रद्धालुओं के मोबाइल चोरी करने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एआई कैमरे व सीसीटीवी की मदद से गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी के 44 मोबाइल, 34 हजार रुपये नकद और कई हथियार बरामद किए गए हैं। इस बात की जानकारी एसएसपी सुशील कुमार ने दी। गया में 25 सितंबर से पितृपक्ष मेला शुरू हुआ है। इसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पिंडदान के लिए आ रहे हैं। प्रतिदिन करीब 4 लाख श्रद्धालुओं की आमद हो रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़े इंतजाम भी किए हैं। एसएसपी ने बताया कि पिछले 6-7 दिनों से मेला क्षेत्र के अस्थाई थाने में मोबाइल चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। श्रद्धालु जब पूजा में व्यस्त होते थे, तब गिरोह उनके मोबाइल उड़ा लेता था। ऐसे बिछाया गया एआई कैमरों का जाल उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गया पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। पूरे मेला क्षेत्र में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस बार पहली बार निगरानी के लिए एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया गया। एआई तकनीक की मदद से संदिग्धों की पहचान, उनकी लोकेशन, कपड़े और मूवमेंट रूट को ट्रैक किया गया। धनबाद के ‘पप्पू दत्ता’ से मिली पहली कामयाबी एआई सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले धनबाद के रहने वाले पप्पू दत्ता को दबोचा। उसके पास से चोरी के 6 मोबाइल बरामद हुए। पप्पू दत्ता से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को बड़ी लीड मिली। इसके बाद पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित एक मकान में छापेमारी की। वहां से गिरोह के 7 अन्य सदस्यों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आसनसोल का है संगठित गिरोह पकड़े गए सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के आसनसोल के रहने वाले हैं यह गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में काम करता था। चोरी के दौरान 2 से 3 लोग एक साथ रहते थे। पहला व्यक्ति मोबाइल चुराकर तुरंत दूसरे को पकड़ा देता था और दूसरा तीसरे को। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि पकड़े जाने पर किसी के पास से मोबाइल बरामद न हो सके। हालांकि, पुलिस की सजगता से पूरा गिरोह पकड़ा गया। बिना वेरिफिकेशन कमरे देने वाले मकान मालिक पर भी केस पुलिस ने बताया कि जिस मकान से अपराधियों को पकड़ा गया, उसके मकान मालिक ने किराएदारों का कोई पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। एसओपी का पालन न करने और अपराधियों को आश्रय देने के आरोप में मकान मालिक के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। कूरियर से श्रद्धालुओं तक पहुंचाए जाएंगे मोबाइल चोरी हुए मोबाइल उनके असली मालिकों तक कैसे पहुंचेंगे, इस पर पुलिस अधिकारियों ने स्थिति साफ की। जो श्रद्धालु अभी गया में मौजूद हैं, उन्हें बुलाकर सीधे मोबाइल दे दिया जाएगा। जो श्रद्धालु अपने घर लौट चुके हैं। उन्हें जिला पुलिस की ओर से कूरियर के माध्यम से मोबाइल भेजा जाएगा। पुलिस के पास सभी का डेटाबेस और आईएमईआई नंबर उपलब्ध है। पितृपक्ष महासंगम में श्रद्धालुओं के मोबाइल चोरी करने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एआई कैमरे व सीसीटीवी की मदद से गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी के 44 मोबाइल, 34 हजार रुपये नकद और कई हथियार बरामद किए गए हैं। इस बात की जानकारी एसएसपी सुशील कुमार ने दी। गया में 25 सितंबर से पितृपक्ष मेला शुरू हुआ है। इसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पिंडदान के लिए आ रहे हैं। प्रतिदिन करीब 4 लाख श्रद्धालुओं की आमद हो रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने कड़े इंतजाम भी किए हैं। एसएसपी ने बताया कि पिछले 6-7 दिनों से मेला क्षेत्र के अस्थाई थाने में मोबाइल चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। श्रद्धालु जब पूजा में व्यस्त होते थे, तब गिरोह उनके मोबाइल उड़ा लेता था। ऐसे बिछाया गया एआई कैमरों का जाल उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गया पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। पूरे मेला क्षेत्र में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस बार पहली बार निगरानी के लिए एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया गया। एआई तकनीक की मदद से संदिग्धों की पहचान, उनकी लोकेशन, कपड़े और मूवमेंट रूट को ट्रैक किया गया। धनबाद के ‘पप्पू दत्ता’ से मिली पहली कामयाबी एआई सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले धनबाद के रहने वाले पप्पू दत्ता को दबोचा। उसके पास से चोरी के 6 मोबाइल बरामद हुए। पप्पू दत्ता से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को बड़ी लीड मिली। इसके बाद पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित एक मकान में छापेमारी की। वहां से गिरोह के 7 अन्य सदस्यों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आसनसोल का है संगठित गिरोह पकड़े गए सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के आसनसोल के रहने वाले हैं यह गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में काम करता था। चोरी के दौरान 2 से 3 लोग एक साथ रहते थे। पहला व्यक्ति मोबाइल चुराकर तुरंत दूसरे को पकड़ा देता था और दूसरा तीसरे को। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि पकड़े जाने पर किसी के पास से मोबाइल बरामद न हो सके। हालांकि, पुलिस की सजगता से पूरा गिरोह पकड़ा गया। बिना वेरिफिकेशन कमरे देने वाले मकान मालिक पर भी केस पुलिस ने बताया कि जिस मकान से अपराधियों को पकड़ा गया, उसके मकान मालिक ने किराएदारों का कोई पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया था। एसओपी का पालन न करने और अपराधियों को आश्रय देने के आरोप में मकान मालिक के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। कूरियर से श्रद्धालुओं तक पहुंचाए जाएंगे मोबाइल चोरी हुए मोबाइल उनके असली मालिकों तक कैसे पहुंचेंगे, इस पर पुलिस अधिकारियों ने स्थिति साफ की। जो श्रद्धालु अभी गया में मौजूद हैं, उन्हें बुलाकर सीधे मोबाइल दे दिया जाएगा। जो श्रद्धालु अपने घर लौट चुके हैं। उन्हें जिला पुलिस की ओर से कूरियर के माध्यम से मोबाइल भेजा जाएगा। पुलिस के पास सभी का डेटाबेस और आईएमईआई नंबर उपलब्ध है।

