तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को महिलाओं के लिए राज्य की मुफ़्त बस यात्रा सुविधा का दायरा बढ़ाते हुए ‘वेत्री पयनम’ (Vettri Payanam) योजना के विस्तार की शुरुआत की। इस पहल को औपचारिक रूप से 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर शुरू किया गया था और इससे हर दिन लगभग 84.32 लाख महिलाओं को फ़ायदा होने की उम्मीद है। योजना के विस्तार से सरकारी बसों का एक बड़ा बेड़ा मुफ़्त यात्रा सुविधा के दायरे में आ गया है, जिससे पात्र महिलाएँ उन कई सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं जो पहले इस सुविधा में शामिल नहीं थीं। सरकार ने कहा है कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आय की कोई सीमा नहीं है और न ही कोई लाभार्थी एक दिन में कितनी भी बार यात्रा कर सकता है, इस पर कोई रोक-टोक है।
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एक्सप्रेस और डीलक्स बसों में भी मुफ़्त सफ़र की सुविधा
इस बढ़ी हुई व्यवस्था के तहत, मुफ़्त सफ़र की सुविधा को आम शहर और कस्बों की बसों से आगे बढ़ाते हुए, कॉर्पोरेशन और म्युनिसिपल इलाकों में चलने वाली एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस और डीलक्स बसों तक भी बढ़ा दिया गया है। इस सुविधा में मोफ़सिल (बाहरी इलाकों की) साधारण बसें और 40 किलोमीटर से ज़्यादा दूरी वाले कुछ घाट रूटों पर चलने वाली साधारण बस सेवाएँ भी शामिल हैं। इस स्कीम में सात राज्य परिवहन निगमों द्वारा चलाई जाने वाली 12,692 सरकारी बसें शामिल होंगी। ये बसें कुल तय बेड़े (scheduled fleet) का लगभग 69 प्रतिशत हैं, जबकि इस स्कीम के तहत आने वाली सेवाएँ राज्य की कुल तय सिंगल ट्रिप का लगभग 85 प्रतिशत हैं। इस बढ़ी हुई सुविधा का मकसद महिलाओं के लिए काम की जगहों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और दूसरी ज़रूरी जगहों तक सफ़र करना आसान बनाना है, ताकि उन्हें रोज़ाना सफ़र के फ़ैसले लेते समय बस के किराए के बारे में न सोचना पड़े।
लॉन्च के दौरान विजय ने यात्रियों से बातचीत की
लॉन्च इवेंट के दौरान, मुख्यमंत्री विजय ने यात्रियों से बातचीत की और कल्याणकारी योजना के विस्तार की शुरुआत के तौर पर उन्हें मुफ़्त बस टिकट बांटे। इस योजना का नाम ‘वेत्री पयनम’ रखा गया है, जिसका मतलब है “विजयी यात्रा”। यह नाम सत्ताधारी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ से लिया गया है। सरकार ने 24 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में इस विस्तार की घोषणा की थी और कहा था कि ट्रांसपोर्ट के खर्च की वजह से महिलाओं को शिक्षा, रोज़गार या दूसरे मौकों से वंचित नहीं रहना चाहिए।
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सरकार का ध्यान मोबिलिटी और सशक्तिकरण पर
ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने कहा कि इस पहल का मकसद ट्रांसपोर्ट के खर्च को एक संभावित रुकावट के तौर पर हटाकर महिलाओं की शिक्षा, रोज़गार, आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण में मदद करना है। उन्होंने कहा कि इस स्कीम का मकसद पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक पहुँच में समानता को बढ़ावा देना भी है, क्योंकि यात्रा के अधिकारों में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। पार्थिबन ने इस पहल को एक “सामाजिक क्रांति” बताया, जिसका मकसद महिलाओं को ज़्यादा आत्मनिर्भर बनने, घरों से बाहर निकलने और राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में हिस्सा लेने में मदद करना है।

