Bath During Pregnancy: गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिसके चलते पीठ दर्द, पैरों में दर्द और थकान जैसी कई परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में नहाने से शरीर को आराम मिल सकता है। लेकिन गर्भावस्था में बहुत गर्म पानी से नहाना या लंबे समय तक गर्म पानी में रहना सुरक्षित नहीं माना जाता। ऐसे में आइए जानते हैं कि गर्भावस्था में नहाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
क्या गर्भावस्था में नहाना सुरक्षित है?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान नहाना सुरक्षित हो सकता है, लेकिन पानी बहुत गर्म नहीं होना चाहिए। गुनगुने पानी से नहाना बेहतर विकल्प है। बहुत गर्म पानी से नहाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर का अंदरूनी तापमान बढ़ सकता है। नहाने के पानी का तापमान 99 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं होना चाहिए।
गर्म पानी से नहाना क्यों सही नहीं होता?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, गर्भावस्था की पहली तिमाही में भ्रूण के महत्वपूर्ण अंग विकसित हो रहे होते हैं। इस दौरान शरीर का तापमान बहुत बढ़ने से भ्रूण के विकास पर असर पड़ सकता है और न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए गर्भावस्था में बहुत गर्म पानी से नहाने से बचने की सलाह दी जाती है।
क्या पहली तिमाही के बाद गर्म पानी से नहा सकते हैं?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, पहली तिमाही के बाद भी बहुत गर्म पानी से नहाना उचित नहीं माना जाता। गर्भावस्था में शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ जाती है और गर्म पानी रक्तचाप को कम कर सकता है। ऐसे में नहाने के बाद अचानक खड़े होने पर चक्कर या बेहोशी हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान शरीर का संतुलन भी बदलता है, इसलिए चक्कर आने से गिरने और चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है।
प्रेग्नेंसी में हॉट टब, सॉना और स्टीम रूम से क्यों बचना चाहिए?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, हॉट टब, सॉना और स्टीम रूम शरीर का तापमान बढ़ा सकते हैं। सॉना में अधिक गर्मी के साथ डिहाइड्रेशन का खतरा भी हो सकता है। इसलिए गर्भावस्था में ऐसी जगहों से बचने की सलाह दी जाती है।
क्या गुनगुने पानी से नहाने से गर्भावस्था में आराम मिल सकता है?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, गुनगुने पानी से नहाना गर्भावस्था के दौरान आराम देने वाला विकल्प हो सकता है। इससे तनाव कम करने और आराम महसूस करने में मदद मिल सकती है। वहीं मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में पैरों में ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में गुनगुना स्नान इससे राहत देने में मदद कर सकता है।
प्रेग्नेंसी में बाथ बम और बबल बाथ इस्तेमाल करना चाहिए?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान बाथ बम और बबल बाथ जैसे उत्पादों से सावधानी बरतनी चाहिए। इनमें मौजूद खुशबू, रंग और प्रिजर्वेटिव संवेदनशील त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं।
प्रेग्नेंसी में नहाते समय फिसलने से कैसे बचें?
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान फिसलने और गिरने से बचने के लिए नहाते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। नहाने के बाद अचानक खड़े होने के बजाय धीरे धीरे उठें और बाहर निकलते समय किसी मजबूत और स्थिर चीज का सहारा लें। बाथरूम के फर्श पर फिसलने का खतरा ज्यादा हो तो एंटी स्लिप मैट या फर्श पर चिपकने वाली एंटी स्लिप स्ट्रिप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर लिखा गया है। गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले या परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

