केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह बेगूसराय दौरे पर हैं। अपने प्रवास के दौरान रिफाइनरी टाउनशिप गेस्ट हाउस में जिले भर से आए लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई करने और समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी नेताओं पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि बिहार में राहुल गांधी-तेजस्वी यादव महीनों तक घूम-घूमकर राजनीति करते रहे और मतदाता सूची में फर्जीवाड़े के आरोप लगाते रहे। जब चुनाव आयोग ने विपक्ष से उन लोगों के नाम मांगे जिनके नाम कथित तौर पर गलत तरीके से काटे गए थे, तब ये नेता चुनाव आयोग को एक भी नाम की सूची सौंपने में नाकाम रहे। विपक्षी नेताओं का मकसद केवल जनता के बीच भ्रम फैलाना और मीडिया में बने रहना है। ‘फर्जी नामों को बाहर किया गया’ मुख्य चुनाव आयुक्त के ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का करारा जवाब देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस जिस प्रकार ज्ञानेश कुमार पर निशाना साध रही है, वह उनकी हताशा को दर्शाता है। ज्ञानेश कुमार को सम्मानित किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए मतदाता सूचियों से तमाम अवैध और फर्जी नामों को छांटकर बाहर निकाला है। पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कदम बेहद जरूरी हैं। विपक्षी दलों के आपस में विलय और गठबंधन के कयासों से जुड़े सवाल पर टिप्पणी करते हुए गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि कौन सी पार्टी किसमें विलय करती है और कौन किसके साथ जाती है, यह कांग्रेस और उनके सहयोगियों का आपस का मामला है। उन्हें या उनकी पार्टी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। वे पूरी तरह से जनता के विकास और देश की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हैं। केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह बेगूसराय दौरे पर हैं। अपने प्रवास के दौरान रिफाइनरी टाउनशिप गेस्ट हाउस में जिले भर से आए लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई करने और समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी नेताओं पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि बिहार में राहुल गांधी-तेजस्वी यादव महीनों तक घूम-घूमकर राजनीति करते रहे और मतदाता सूची में फर्जीवाड़े के आरोप लगाते रहे। जब चुनाव आयोग ने विपक्ष से उन लोगों के नाम मांगे जिनके नाम कथित तौर पर गलत तरीके से काटे गए थे, तब ये नेता चुनाव आयोग को एक भी नाम की सूची सौंपने में नाकाम रहे। विपक्षी नेताओं का मकसद केवल जनता के बीच भ्रम फैलाना और मीडिया में बने रहना है। ‘फर्जी नामों को बाहर किया गया’ मुख्य चुनाव आयुक्त के ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का करारा जवाब देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस जिस प्रकार ज्ञानेश कुमार पर निशाना साध रही है, वह उनकी हताशा को दर्शाता है। ज्ञानेश कुमार को सम्मानित किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए मतदाता सूचियों से तमाम अवैध और फर्जी नामों को छांटकर बाहर निकाला है। पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ऐसे कदम बेहद जरूरी हैं। विपक्षी दलों के आपस में विलय और गठबंधन के कयासों से जुड़े सवाल पर टिप्पणी करते हुए गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि कौन सी पार्टी किसमें विलय करती है और कौन किसके साथ जाती है, यह कांग्रेस और उनके सहयोगियों का आपस का मामला है। उन्हें या उनकी पार्टी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। वे पूरी तरह से जनता के विकास और देश की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हैं।

