ओवैसी बोले- SIR एक तरह से बैकडोर NRC है:सरकार नागरिकता की जांच में यही प्रोसेस अपनाएगी

ओवैसी बोले- SIR एक तरह से बैकडोर NRC है:सरकार नागरिकता की जांच में यही प्रोसेस अपनाएगी

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को SIR को बैकडोर NRC बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इसी प्रक्रिया को बाद में नागरिकता की जांच में बदल देगी। छत्रपति संभाजीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही SIR का विरोध कर रही है। उधर SIR को लेकर मुंबई में आज कॉकरोच पार्टी प्रदर्शन (CJP) करेगी। CJP ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पांच दिन पहले ओवैसी बोले थे- वोटिंग के साथ नागरिकता भी जाएगी इससे पहले 27 सितंबर को ओवैसी ने देशभर के नागरिकों से SIR प्रक्रिया को हल्के में नहीं लेने की अपील की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि लापरवाही से लोगों को वोटिंग अधिकार और नागरिकता से वंचित किया जा सकता है। ओवैसी ने कहा था, यह सिर्फ वोट देने का अधिकार खोने का मामला नहीं है। आपकी नागरिकता भी छीनी जा सकती है। इसलिए इसे पूरी गंभीरता और ध्यान से लें। जनगणना के बीच बढ़ी NRC की चर्चा NRC का मुद्दा जनगणना की प्रक्रिया के साथ फिर चर्चा में आया है। मौजूदा जनगणना के फॉर्म में ऐसे कई सवाल हैं, जो 2020 के NPR यानी नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर के फॉर्म में भी थे। इनमें नागरिकता, माता-पिता की जानकारी, आधार और वोटर ID से जुड़े सवाल शामिल हैं। कानूनी प्रावधानों के तहत पॉपुलेशन रजिस्टर में दर्ज लोगों का सत्यापन कर भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) तैयार किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में ऐसे मामलों की पहचान भी की जा सकती है, जिनमें किसी व्यक्ति की नागरिकता पर संदेह हो। हालांकि, अभी देशभर में NRC लागू करने को लेकर सरकार की कोई नई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। 2021 की जनगणना के साथ NPR का काम भी होना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया। जनगणना प्रक्रिया दोबारा शुरू होने के बाद NPR के लिए अलग से नई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। केंद्र सरकार ने NRC को लेकर भी कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… RSS ने देशभर में NRC कराने की मांग दोहराई: कहा- वोटर लिस्ट की जांच हो स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और जनगणना को लेकर चल रही चर्चा के बीच RSS ने देशभर में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) कराने की मांग दोहराई है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा- यह साफ होना चाहिए कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

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