अमृता मौत केस में BDO पर चार्जशीट:सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में जेल में हैं मनोज कुमार, मोबाइल-ऑडियो और सुसाइड नोट जांच का हिस्सा

अमृता मौत केस में BDO पर चार्जशीट:सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में जेल में हैं मनोज कुमार, मोबाइल-ऑडियो और सुसाइड नोट जांच का हिस्सा

मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र के कन्हौल में अमृता कुमारी की मौत के मामले में पुलिस ने निलंबित बीडीओ मनोज कुमार के खिलाफ गुरुवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। केस के आईओ ऋतुराज ने केस डायरी में संकलित साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट जमा की है। पुलिस ने मामले में अमृता को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कार्रवाई की है। मनोज कुमार फिलहाल जेल में बंद हैं। उनकी जमानत अर्जी भी कोर्ट से खारिज हो चुकी है। जांच के दौरान पुलिस ने बीडीओ का मोबाइल जब्त कर एफएसएल जांच के लिए भेजा था। पुलिस के अनुसार, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच में मनोज कुमार और बेगूसराय में तैनात महिला दरोगा के बीच संबंध से जुड़े तथ्य सामने आए थे। महिला दरोगा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में कोर्ट के आदेश पर उसे छोड़ दिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग भी जांच का हिस्सा जांच के दौरान मिले सुसाइड नोट को लेकर पुलिस ने हैंडराइटिंग की जांच कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। पुलिस अमृता के पूर्व में लिखे दस्तावेजों से सुसाइड नोट की लिखावट का मिलान कराएगी। जरूरत पड़ने पर इसे एफएसएल भेजकर विशेषज्ञ रिपोर्ट ली जाएगी। इस रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा अमृता के परिवार और आरोपी बीडीओ के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत के ऑडियो को भी पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया है। परिवार की ओर से उपलब्ध कराए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के संबंध में पुलिस 65बी सर्टिफिकेट की प्रक्रिया भी पूरी करेगी। अमृता के साथ मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था… भाई के आवेदन पर दर्ज हुई थी एफआईआर अमृता के भाई राजकुमार ने 5 जुलाई को मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि अमृता की शादी 9 दिसंबर 2022 को पियर थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी मनोज कुमार से हुई थी। शादी के बाद वह पति के साथ बेला रोड इलाके में रहती थी। भाई ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से अमृता को 10 लाख रुपए दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। प्राथमिकी में मनोज कुमार पर सुरसंड की रहने वाली महिला दारोगा से संबंध होने का भी आरोप लगाया गया था। आरोप था कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर अमृता को पति की दूसरी शादी की धमकी भी दी जाती थी। 3 जुलाई की रात मिली थी अमृता की मौत की सूचना प्राथमिकी के अनुसार, 3 जुलाई की रात करीब दो बजे परिजनों को अमृता की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। परिजन सदर अस्पताल पहुंचे, जहां अमृता एंबुलेंस में मृत अवस्था में मिली थी। भाई ने उसे जहर देकर मारने का आरोप लगाया था। पुलिस ने जांच के बाद मनोज कुमार और महिला दारोगा को गिरफ्तार किया था। बाद में महिला दरोगा को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया, जबकि मनोज कुमार को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस ने मनोज कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। अन्य आरोपियों की भूमिका और मौत से जुड़े शेष साक्ष्यों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र के कन्हौल में अमृता कुमारी की मौत के मामले में पुलिस ने निलंबित बीडीओ मनोज कुमार के खिलाफ गुरुवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। केस के आईओ ऋतुराज ने केस डायरी में संकलित साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट जमा की है। पुलिस ने मामले में अमृता को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कार्रवाई की है। मनोज कुमार फिलहाल जेल में बंद हैं। उनकी जमानत अर्जी भी कोर्ट से खारिज हो चुकी है। जांच के दौरान पुलिस ने बीडीओ का मोबाइल जब्त कर एफएसएल जांच के लिए भेजा था। पुलिस के अनुसार, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की जांच में मनोज कुमार और बेगूसराय में तैनात महिला दरोगा के बीच संबंध से जुड़े तथ्य सामने आए थे। महिला दरोगा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में कोर्ट के आदेश पर उसे छोड़ दिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग भी जांच का हिस्सा जांच के दौरान मिले सुसाइड नोट को लेकर पुलिस ने हैंडराइटिंग की जांच कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। पुलिस अमृता के पूर्व में लिखे दस्तावेजों से सुसाइड नोट की लिखावट का मिलान कराएगी। जरूरत पड़ने पर इसे एफएसएल भेजकर विशेषज्ञ रिपोर्ट ली जाएगी। इस रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा अमृता के परिवार और आरोपी बीडीओ के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत के ऑडियो को भी पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया है। परिवार की ओर से उपलब्ध कराए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के संबंध में पुलिस 65बी सर्टिफिकेट की प्रक्रिया भी पूरी करेगी। अमृता के साथ मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था… भाई के आवेदन पर दर्ज हुई थी एफआईआर अमृता के भाई राजकुमार ने 5 जुलाई को मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि अमृता की शादी 9 दिसंबर 2022 को पियर थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी मनोज कुमार से हुई थी। शादी के बाद वह पति के साथ बेला रोड इलाके में रहती थी। भाई ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से अमृता को 10 लाख रुपए दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। प्राथमिकी में मनोज कुमार पर सुरसंड की रहने वाली महिला दारोगा से संबंध होने का भी आरोप लगाया गया था। आरोप था कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर अमृता को पति की दूसरी शादी की धमकी भी दी जाती थी। 3 जुलाई की रात मिली थी अमृता की मौत की सूचना प्राथमिकी के अनुसार, 3 जुलाई की रात करीब दो बजे परिजनों को अमृता की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। परिजन सदर अस्पताल पहुंचे, जहां अमृता एंबुलेंस में मृत अवस्था में मिली थी। भाई ने उसे जहर देकर मारने का आरोप लगाया था। पुलिस ने जांच के बाद मनोज कुमार और महिला दारोगा को गिरफ्तार किया था। बाद में महिला दरोगा को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया, जबकि मनोज कुमार को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस ने मनोज कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। अन्य आरोपियों की भूमिका और मौत से जुड़े शेष साक्ष्यों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

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