2019 में बरेली में बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में साहस दिखाने वाले संभल के सीओ कुलदीप कुमार को गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरता पदक देकर सम्मानित किया। लखनऊ के लोकभवन में आयोजित अलंकरण समारोह में उन्हें पुलिस सेवा के दौरान साहसिक कार्रवाई और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। बरेली में 15 लाख रुपए की लूट के बाद बदमाशों से हुई मुठभेड़ में उनकी भूमिका को भी इस सम्मान से जोड़ा गया है। 15 लाख की लूट के बाद पुलिस ने शुरू की थी बदमाशों की तलाश जनवरी 2019 में बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के एहलादपुर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इससे पहले शास्त्री नगर निवासी ज्वैलर्स अनूप अग्रवाल के कर्मचारियों से करीब 15 लाख रुपए लूट लिए गए थे। बाइक सवार छह बदमाशों ने तमंचे के बल पर टेंपो रोककर नकदी लूटी थी। इस दौरान छीना-झपटी में ज्वैलर्स के मुंशी सुमित के सिर में गोली लग गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू की। इसी दौरान एहलादपुर में पुलिस टीम का बदमाशों से सामना हो गया। दोनों ओर से हुई फायरिंग में दो बदमाश मारे गए, जबकि चार गन्ने के खेतों की आड़ लेकर फरार हो गए थे। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद लूटी गई रकम भी बरामद की गई थी। गोली सुरक्षा कवच पर लगी, फिर भी जारी रखा मुकाबला मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में तत्कालीन सीओ कुलदीप कुमार को भी निशाना बनाया गया। गोली उनके सुरक्षा कवच पर लगी। इसके बावजूद उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और पुलिस टीम के साथ बदमाशों का मुकाबला जारी रखा। इस मुठभेड़ में एक इंस्पेक्टर और एक सिपाही भी घायल हुए थे। घटना के दौरान दिखाई गई बहादुरी और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए कुलदीप कुमार को वीरता पदक के लिए चुना गया था। गणतंत्र दिवस पर घोषित हुआ था वीरता पुरस्कार कुलदीप कुमार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर वीरता पदक प्रदान किया गया था। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें औपचारिक रूप से सम्मानित किया। समारोह में पुलिस सेवा के दौरान साहसिक कार्य करने वाले अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। बरेली की मुठभेड़ में दिखाई गई बहादुरी के लिए मिला यह सम्मान कुलदीप कुमार की पुलिस सेवा के उल्लेखनीय कार्यों में शामिल है।

