अहमदाबाद. जिले के बावला में स्टेट मॉनीटरिंग सेल (एसएमसी) की टीम ने 4 किलो 354 ग्राम एम्बरग्रीस के साथ दो लोगों को पकड़ा है। बरामद एम्बरग्रीस की कीमत 4 करोड़ 35 लाख रुपए आंकी गई है।
टीम ने सूचना के आधार पर गुरुवार को बावला थाना क्षेत्र में राजकोट-अहमदाबाद हाईवे पर आकृति आर्केड कॉम्प्लेक्स की पार्किंग में कार्रवाई की। यहां दबिश देकर आणंद जिले की खंभात तहसील के तरकपुर गांव निवासी अजय चावड़ा और अहमदाबाद जिले की धोलका तहसील के भेटावाडा गांव निवासी हितेश चौहान को पकड़ा। दोनों के पास अलग-अलग आकार और आकृति के कठोर पदार्थ के सफेद, क्रीम, गोल्डन और ब्राउन रंग के एम्बरग्रीस के टुकड़े मिले। वन विभाग और एफएसएल अधिकारियों से इसकी जांच और परीक्षण कराया गया, उन्होंने इसके एम्बरग्रीस होने की पुष्टि की, जिसके बाद इसे जब्त कर लिया। वजन 4 किलो 354 ग्राम है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए बावला पुलिस थाने को सौंपा गया है।
फोन पर बुलाया, होटल से माल लेकर पहुंचे
पूछताछ में अजय चावड़ा ने टीम को बताया कि उसे खंभात के तरकपुर गांव निवासी मेहुल डाभी ने फोन कर एम्बरग्रीस की बिक्री का सौदा करने के लिए बावला बुलाया था। इसके बाद अजय चावड़ा, किशन गोहिल और एक अन्य व्यक्ति के साथ बावला गोवालिया होटल के पास गया। वहां हितेश चौहान नाम का व्यक्ति भी आया था। इनके पास एम्बरग्रीस थी, जिसे किशन गोहिल नाम के व्यक्ति को बेचना था। जिसके लिए बावला चौकड़ी के पास स्थित आकृति आर्केड कॉम्प्लेक्स की पार्किंग में यह पहुंचे थे। इसी दौरान एसएमसी की टीम ने एम्बरग्रीस के साथ अजय और हितेश को पकड़ लिया।
स्पर्म व्हेल को सर्वोच्च कानूनी संरक्षण
स्टेट मॉनिटरिंग सेल के अनुसार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के वर्ष 2022 में किए गए संशोधन के तहत स्पर्म व्हेल को अनुसूची-1 में शामिल किया गया है, जिससे उसे सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है।
परफ्यूम की खुशबू लंबे समय तक रखने में उपयोग
एम्बरग्रीस का उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले इत्र और परफ्यूम बनाने में किया जाता है। यह सुगंध को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है और सुगंध को अधिक समृद्ध बनाता है। इसके अलावा धूप, सुगंधित तेल और अन्य राजसी सुगंधित उत्पादों में भी इसका उपयोग होता है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमत करोड़ों रुपए तक पहुंचती है।

