नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर गोरखपुर में खतरनाक रूप लेने लगा है। जिले की प्रमुख राप्ती और सरयू नदियां उफान पर हैं और बर्डघाट पर राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं त्रिमुहानी घाट पर रोहिनी नदी में दिन के दौरान गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन ने पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी करते हुए अगले 24-48 घंटे को निर्णायक बताया है। गुरुवार को दिनभर में करीब 0.12 मीटर की कमी आई है। हालांकि खतरे का निशान 82.44 मीटर है, यानी नदी अभी भी खतरे के स्तर के बेहद करीब है। जलस्तर में थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऊपर से पानी का दबाव बढ़ने पर यह फिर से तेजी पकड़ सकती है। नेपाल से आ रहा पानी बढ़ा रहा संकट नेपाल और पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश से गोरखपुर की नदियों में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। तेज बहाव के कारण कटान का खतरा भी बढ़ गया है और तटबंधों की निगरानी तेज कर दी गई है। गोला, बांसगांव और चौरी-चौरा तहसील के 12 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। गोला क्षेत्र के बगहा, नेतवारपट्टी, मुहालजलकर, ज्ञानकोल, पटना मुस्तकिल, पटना एहतमाली, कोटिआ निरंजन, बेलवा तुरन्त सिंह, कोलखास, जैतपुर, विहुआ मुस्तकिल और मैभरा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई घरों में पानी घुस चुका है और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ रहा है। नावों के सहारे पहुंच रही मदद बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। प्रयागराज से 10 बड़ी नावें और 11 मोटरबोट मंगाकर बांसगांव और चौरी-चौरा क्षेत्रों में तैनात कर दी गई हैं, जबकि बड़हलगंज क्षेत्र के लिए भी अतिरिक्त नावें भेजी जा रही हैं। तेज धारा को देखते हुए छोटी नावों को राहत कार्य में शामिल नहीं किया गया है। कई इलाकों में नावों के सहारे ही लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 10 हजार लोग प्रभावित बाढ़ का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। करीब 10 हजार लोग प्रभावित हुए हैं और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है 1347 हेक्टेयर फसल डूब चुकी है, जबकि कुल 2985 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है। किसानों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है और कई गांवों में खाने-पीने की समस्या भी बढ़ने लगी है। अगले 48 घंटे हैं बेहद अहम प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है और तटबंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर नेपाल में बारिश जारी रही, तो जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे गोरखपुर के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

