मिर्जापुर में गुरुवार को जमीन विवाद के चलते एक परिवार के कुछ सदस्यों ने कथित तौर पर खुद पर तेल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया। घटना तिराहे के पास हुई, जहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें रोक लिया। पुलिस ने परिवार को समझाकर शांत कराया। इससे बड़ी अनहोनी टल गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार के सदस्य सड़क पर बैठकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने की मांग करने लगे। वे जमीन पर कार्रवाई होने की आशंका से परेशान थे। पुलिसकर्मी लगातार उन्हें समझाते रहे और कोई भी आत्मघाती कदम नहीं उठाने की अपील करते रहे। मामला मड़िहान थाना क्षेत्र का है। तीन पीढ़ियों से रहने का दावा परिवार का दावा है कि वह विवादित जमीन पर करीब तीन पीढ़ियों से रह रहा है। परिवार के मुखिया सोहनलाल की पांच दिन पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। परिजनों के मुताबिक, इससे पहले उनके पिता जवाहर लाल इसी स्थान पर रहते थे। परिवार का कहना है कि वर्षों से यही उनका घर और जीवन का आधार रहा है। अब दूसरे पक्ष की ओर से जमीन पर मालिकाना हक जताए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। परिवार को आशंका है कि जमीन पर कार्रवाई होने से वे बेघर हो सकते हैं। इसी चिंता के चलते परिवार के सदस्यों ने गुरुवार को विरोध जताया। एसडीएम समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी संतोष ओझा, नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी रविंद्र भूषण मौर्य पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि जमीन विवाद का निस्तारण राजस्व अभिलेखों की जांच और नियमानुसार किया जाएगा। पुलिस की तत्परता से कथित आग लगाने के प्रयास को समय रहते रोक लिया गया। इसके बाद मौके पर स्थिति सामान्य हो गई। राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति फिलहाल जमीन के वास्तविक स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों के दावे सामने आए हैं। प्रशासन राजस्व अभिलेखों के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट करेगा। इसके बाद ही जमीन विवाद में आगे की कार्रवाई तय होगी।

