अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर धौलपुर जिला प्रशासन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और ग्रामीण सेवा संस्थान की ओर से वृद्धाश्रम में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान बुजुर्गों को माला, साफा और शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को कान की मशीन, व्हीलचेयर और छड़ी सहित सहायक उपकरण वितरित किए गए। ‘बुजुर्ग परिवार और समाज के आधार स्तंभ’ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक मोहम्मद अशफाक खान ने कहा कि बुजुर्ग परिवार और समाज के आधार स्तंभ हैं। उनका अनुभव नई पीढ़ी को सही दिशा दिखाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को केवल किसी विशेष दिन नहीं, बल्कि हर दिन सम्मान और अपनापन मिलना चाहिए। विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। ‘बुजुर्गों को अकेला महसूस नहीं होना चाहिए’ धौलपुर अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष अतुल कुमार भार्गव ने वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा परिवार के लिए समर्पित किया है। ऐसे में जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें अकेलेपन का अहसास नहीं होना चाहिए। परिवार के सदस्यों को बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उन्हें भावनात्मक संबल देना चाहिए। ‘जीवन के वटवृक्ष हैं बुजुर्ग’ थाना निहालगंज प्रभारी देवेंद्र शर्मा ने बुजुर्गों को ‘जीवन का वटवृक्ष’ बताते हुए कहा कि उनका स्नेह और अनुभव परिवार के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को पुलिस से जुड़ी किसी भी जरूरत या समस्या में सहयोग का भरोसा दिलाया। नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी डॉ. राजेश जादौन ने बढ़ती उम्र में नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खान-पान, पर्याप्त नींद और चिकित्सकीय परामर्श को जरूरी बताया। उन्होंने परिवारजनों से बुजुर्गों की दवाइयों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का विशेष ध्यान रखने की अपील की। कानूनी अधिकारों की दी जानकारी कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पप्पू सिंह गुर्जर एडवोकेट एवं आराधना शर्मा एडवोकेट ने वरिष्ठ नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। परिवारों से दोबारा जोड़ने का प्रयास ग्रामीण सेवा संस्थान के सचिव बृजेश मुखरैया ने बताया कि संस्थान काउंसलिंग के माध्यम से वृद्धजनों को उनके परिवारों से दोबारा जोड़ने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि बुजुर्गों को सम्मान, सुरक्षा और अपनापन देने का माध्यम होना चाहिए। ये रहे मौजूद कार्यक्रम का संचालन रंजीत दिवाकर एडवोकेट ने किया। इस दौरान श्यामू भैया, संजय अग्रोहा, संतोष पाठक, रामजीलाल, पंकज शर्मा, नितेश मुद्गल, गजेंद्र शर्मा, तारा सिंह, दिनेश नेहरू युवा केंद्र, ब्रजेश पाल, राजेंद्र शर्मा सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।

