नयी दिल्ली, एक अक्टूबर दिल्ली पुलिस ने ऑनलाइन कार्य देने और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान करन बिस्वास, मोहित सरकार उर्फ मोनू और विनय मंडल के रूप में हुई है।
तीनों आरोपी उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक बैंक की पासबुक और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। आरोपी ‘म्यूल’ (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से ठगी की रकम को इधर-उधर करते थे।
पुलिस ने बताया कि यह मामला एक पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर दक्षिण दिल्ली के साइबर थाने में दर्ज किया गया था। पीड़ित से सोशल मीडिया मंच ‘टेलीग्राम’ समूह के जरिए ऑनलाइन कार्य करने और क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर 7,86,300 रुपये की ठगी की गई थी। पीड़ित ने यह रकम दो बार में भेजी थी जिसके बाद आरोपियों ने न तो मुनाफा दिया और न ही मूल रकम लौटाई।
एक अधिकारी के मुताबिक, वित्तीय जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर करन बिस्वास और मोहित सरकार को उधम सिंह नगर से गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान तीसरे आरोपी विनय मंडल का नाम सामने आया जो साइबर अपराध के एक अन्य मामले में पहले से ही हरियाणा की रोहतक में जेल में बंद था। उन्होंने बताया कि पुलिस उसे तीन दिन की हिरासत में लेकर आगे की जांच कर रही है।
अधिकारी ने बताया कि धोखाधड़ी से हासिल रकम को इधर-उधर करने व निकालने के लिए बिचौलियों के माध्यम से कमीशन पर म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराए गए। इस रकम का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भी भेजा गया।

