गोरखपुर में मौसम बदलने के साथ संक्रमण का खतरा बढ़ने को देखते हुए संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू किया गया। गुरुवार को नगर निगम परिसर से जनजागरूकता रैली निकालकर अभियान की शुरुआत हुई। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, नगर आयुक्त अजय जैन समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रैली को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान लोगों को संचारी रोगों से बचाव की शपथ भी दिलाई गई। अभियान के तहत 12 से 31 अक्टूबर तक घर-घर दस्तक अभियान चलेगा। स्वास्थ्यकर्मी बुखार, टीबी, डेंगू, इन्फ्लुएंजा समेत अन्य बीमारियों के मरीजों की पहचान करेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी अस्पताल भेजा जाएगा। घर-घर पहुंचेगी टीम अभियान के तहत 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विशेष ‘दस्तक अभियान’ चलाया जाएगा। इसमें स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बुखार, टीबी, इन्फ्लुएंजा, डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के मरीजों की पहचान करेंगे। जरूरतमंदों को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा जाएगा, जिससे समय रहते बीमारी पर काबू पाया जा सके। एक महीने तक चलेगा अभियान इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगरीय निकाय, पंचायती राज, पशुपालन, कृषि, शिक्षा और आईसीडीएस सहित करीब एक दर्जन विभाग मिलकर काम करेंगे। सभी विभागों के समन्वय से जागरूकता, साफ-सफाई और रोकथाम से जुड़ी गतिविधियां लगातार एक महीने तक चलेंगी। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि बारिश और मौसम बदलने के दौरान संचारी रोग तेजी से फैलते हैं। ऐसे में हर व्यक्ति को अपने घर और आसपास सफाई रखनी चाहिए और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए। 5 साल में इंसेफेलाइटिस से नहीं हुई एक भी मौत CMO डॉ. राजेश झा ने बताया कि यह अभियान साल में तीन बार चलाया जाता है और इसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। पिछले पांच वर्षों में जिले में जापानी इंसेफेलाइटिस से एक भी मौत नहीं हुई है। इस बार डेंगू और डायरिया को लेकर विशेष फोकस रखा गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार का बुखार होने पर सीधे सरकारी अस्पताल में जांच और इलाज कराएं। कार्यक्रम में ACMO डॉ. नंदलाल कुशवाहा, डॉ. विनय पांडेय, डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. एनके द्विवेदी, मंडलीय कीट विज्ञानी डॉ. वीके श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह समेत कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

