Mumbai Malad Freezer Body News: मुंबई के मालाड इलाके में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 80 वर्षीय बुजुर्ग का शव करीब चार साल तक एक पॉलीक्लिनिक के फ्रीजर में रखा गया था। कुरार पुलिस को इसकी जानकारी मिलने के बाद परिवार को समझाया गया, जिसके बाद बुधवार को बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग की 2022 में प्राकृतिक कारणों से मौत हुई थी। परिवार कथित तौर पर उनकी मौत को स्वीकार नहीं कर पा रहा था और शव को सुरक्षित रखने का फैसला लिया। परिवार ने अमेरिका में शव को क्रायोनिक्स संरक्षण के जरिए संरक्षित कराने की योजना भी बनाई थी।
क्लिनिक में फ्रीजर के अंदर मिला शव
यह मामला सोमवार रात सामने आया, जब स्थानीय लोगों ने कुरार पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस की टीम मालाड स्थित पॉलीक्लिनिक पहुंची तो वहां एक फ्रीजर के अंदर बुजुर्ग का शव मिला।
पुलिस के अनुसार, यह क्लिनिक करीब एक महीने से मरम्मत के लिए बंद था। जांच के दौरान परिवार की ओर से कुछ दस्तावेज भी पेश किए गए, जिनसे बुजुर्ग की 2022 में प्राकृतिक कारणों से मृत्यु होने की जानकारी मिली।
अमेरिका भेजने की तैयारी कर रहा था परिवार
परिवार ने पुलिस को बताया कि वह बुजुर्ग के शव को अमेरिका भेजकर क्रायोनिक संरक्षण कराने की संभावनाएं तलाश रहा था। इसके लिए परिवार ने अमेरिका में क्रायोनिक्स (Cryonics) की सुविधा देने वाली संस्थाओं से संपर्क भी किया था।
क्रायोनिक्स एक प्रयोगात्मक प्रक्रिया है, जिसमें कानूनी रूप से मृत व्यक्ति के शरीर या मस्तिष्क को बेहद कम तापमान पर संरक्षित रखने की कोशिश की जाती है। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी तकनीक विकसित होने की उम्मीद पर आधारित है, जिससे किसी दिन शरीर को पुनर्जीवित या उसका उपचार किया जा सके। हालांकि, वर्तमान चिकित्सा विज्ञान में मृत व्यक्ति को इस तरह संरक्षित करने के बाद भविष्य में पुनर्जीवित करने की कोई सिद्ध तकनीक उपलब्ध नहीं है।
परिवार ने भारत में वकीलों से भी सलाह ली थी कि विदेश भेजने की व्यवस्था होने तक शव को सुरक्षित रखना कानूनी रूप से संभव है या नहीं।
परिवार और क्लिनिक ने पुलिस को नहीं दी थी जानकारी
पुलिस ने बताया कि शव करीब चार साल तक क्लिनिक में ही रखा रहा। इस दौरान न तो परिवार और न ही क्लिनिक प्रबंधन ने पुलिस को इस व्यवस्था की जानकारी दी थी।
जिस संपत्ति में क्लिनिक चल रहा था, उसके मालिक ने भी पुलिस को बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वहां एक शव रखा गया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह और उनका परिवार खुद भी बीमार पड़ने पर इसी क्लिनिक में डॉक्टर से सलाह लेने जाते थे।
पुलिस की काउंसलिंग के बाद हुआ अंतिम संस्कार
मंगलवार को पुलिस ने परिवार, क्लिनिक प्रबंधन और संपत्ति मालिक के बयान दर्ज किए। परिवार में मृतक की बुजुर्ग पत्नी और उनके वयस्क बच्चे शामिल हैं।
पुलिस ने परिवार के साथ काफी देर तक बातचीत और काउंसलिंग की। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ। बुधवार को बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

