कांशीराम कॉलोनी में दूषित पानी और जर्जर मकानों से गुस्साएलोग,प्रदर्शन:नगर पालिका और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, 150 परिवार बेहाल

कांशीराम कॉलोनी में दूषित पानी और जर्जर मकानों से गुस्साएलोग,प्रदर्शन:नगर पालिका और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, 150 परिवार बेहाल

दूषित पानी और जर्जर मकानों से बेहाल कांशीराम कॉलोनी के 150 परिवारों का फूटा गुस्सा, नगर पालिका के खिलाफ खोला मोर्चा
रायबरेली। नगर पालिका परिषद क्षेत्र के खोर स्थित कांशीराम शहरी आवास योजना के निवासी बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव और लगातार मंडराते हादसों के साये में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। वर्ष 2009 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार के दौरान गरीबों को छत मुहैया कराने के उद्देश्य से निर्मित यह कॉलोनी अब पूरी तरह बदहाली के आंसू बहा रही है। 17 वर्षों के दौरान रख-रखाव के अभाव में भवनों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। कॉलोनी की दीवारों के प्लास्टर पूरी तरह झड़ चुके हैं और छतों में गंभीर दरारें आ गई हैं, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों द्वारा जर्जर मकानों की मरम्मत के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई इंडियामार्का हैंडपंपों से निकल रहा बदबूदार और लाल पानी भवन की जर्जर स्थिति के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। नगर पालिका की घोर लापरवाही के चलते कॉलोनी में स्थापित इंडियामार्का हैंडपंपों से लाल, दूषित और बेहद बदबूदार पानी निकल रहा है। कॉलोनी का संपर्क मार्ग और जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप है। बारिश और नालों का गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है, जो सीपेज (रिसाव) के जरिए भूमिगत जल और हैंडपंपों के पाइपों तक पहुंचकर पीने के पानी को जहरीला बना रहा है। दूषित पानी के सेवन से कॉलोनी के लगभग 150 परिवारों और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है तथा क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का जाल फैल रहा है। अधिकारियों की अनदेखी से उपजा जनआक्रोश, आंदोलन का ऐलान

समस्याओं के स्थायी समाधान और प्रशासनिक उदासीनता से त्रस्त स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध गुरुवार सुबह टूट गया। आक्रोशित लोगों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका और जिम्मेदार अधिकारियों को बार-बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद केवल खोखले आश्वासन ही नसीब हुए हैं, जबकि धरातल पर कोई सुधार नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जर्जर भवनों की मरम्मत और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था का स्थायी समाधान जल्द नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *