शिवहर में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी के निर्देश पर अब जिले के अधिकारी मॉडल स्कूलों में खुद कक्षाएं लेंगे और स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था की नियमित समीक्षा करेंगे। प्रत्येक अधिकारी को सप्ताह में कम से कम एक क्लास लेने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार विषय का चयन कर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। साथ ही स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था को करीब से समझेंगे और कमियों को चिह्नित करेंगे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… अधिकारियों को अलग-अलग स्कूलों की जिम्मेदारी उप विकास आयुक्त को श्रीराम खेलावन जंगी उच्च विद्यालय, कुशहर से जोड़ा गया है। वहीं निदेशक, राष्ट्रीय रोजगार कार्यक्रम को पिपराही के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, नारायणपुर की जिम्मेदारी दी गई है। तरियानी, पुरनहिया, डुमरी कटसरी और शिवहर के स्कूलों में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, सहायक परियोजना पदाधिकारी, सहायक निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्मार्ट क्लास और लैब के इस्तेमाल की होगी समीक्षा अधिकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं के उपयोग की स्थिति देखेंगे। इसके अलावा शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता, मूलभूत सुविधाओं और पाठ्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। हर सप्ताह डीईओ को देनी होगी रिपोर्ट सभी अधिकारियों को अपनी ली गई कक्षा और स्कूल निरीक्षण की साप्ताहिक रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को देनी होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी इन रिपोर्टों को जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रशासन का मानना है कि अधिकारियों की नियमित निगरानी और सीधे कक्षा लेने की व्यवस्था से स्कूलों में पढ़ाई का माहौल मजबूत होगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। शिवहर में सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी के निर्देश पर अब जिले के अधिकारी मॉडल स्कूलों में खुद कक्षाएं लेंगे और स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था की नियमित समीक्षा करेंगे। प्रत्येक अधिकारी को सप्ताह में कम से कम एक क्लास लेने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार विषय का चयन कर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। साथ ही स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था को करीब से समझेंगे और कमियों को चिह्नित करेंगे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… अधिकारियों को अलग-अलग स्कूलों की जिम्मेदारी उप विकास आयुक्त को श्रीराम खेलावन जंगी उच्च विद्यालय, कुशहर से जोड़ा गया है। वहीं निदेशक, राष्ट्रीय रोजगार कार्यक्रम को पिपराही के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, नारायणपुर की जिम्मेदारी दी गई है। तरियानी, पुरनहिया, डुमरी कटसरी और शिवहर के स्कूलों में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, सहायक परियोजना पदाधिकारी, सहायक निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्मार्ट क्लास और लैब के इस्तेमाल की होगी समीक्षा अधिकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं के उपयोग की स्थिति देखेंगे। इसके अलावा शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता, मूलभूत सुविधाओं और पाठ्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। हर सप्ताह डीईओ को देनी होगी रिपोर्ट सभी अधिकारियों को अपनी ली गई कक्षा और स्कूल निरीक्षण की साप्ताहिक रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को देनी होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी इन रिपोर्टों को जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। प्रशासन का मानना है कि अधिकारियों की नियमित निगरानी और सीधे कक्षा लेने की व्यवस्था से स्कूलों में पढ़ाई का माहौल मजबूत होगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

