इंदौर नगर निगम की टीम ने बुधवार को जोन-11 के वार्ड-55 स्थित नाथ मंदिर रोड, साउथ तुकोगंज क्षेत्र में रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था की जांच की। टीम ने विभिन्न भवनों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान इठलाती साड़ी, राजेंद्र गुप्ता/शांति गुप्ता, गिरीश लद्दाख और मुनीरा कुदरती के परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान नहीं मिला। कुछ परिसरों में ड्रेनेज का पानी बोरिंग में मिलने की स्थिति भी पाई गई। निगम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल 2 लाख 10 हजार रुपए का स्पॉट फाइन लगाया। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की अनिवार्यता का पालन कराने के लिए लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। निगम का कहना है कि भूजल संरक्षण के साथ भूजल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाना भी जरूरी है। इसी के तहत ड्रेनेज का पानी बोरिंग में मिलाने जैसी गतिविधियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। दो दिन में 11 भवनों पर कार्रवाई रेन वाटर हार्वेस्टिंग के प्रावधानों का पालन नहीं करने वाले भवनों पर निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। पिछले दो दिनों में 11 भवनों पर कुल 3.30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इनमें होटल हॉलिडे, KFC, इठलाती साड़ी सहित अन्य भवन और संस्थान शामिल हैं। अब तक 156 भवनों पर ₹16.03 लाख फाइन निगम के अनुसार शहर में अब तक 156 भवनों पर कुल 16.03 लाख रुपए का फाइन लगाया जा चुका है। वहीं, फायर सेफ्टी मानकों के उल्लंघन पर अब तक करीब 182 भवनों को सील किया गया है। एनजीओ टीम ने भी समझाइश दी कार्रवाई के दौरान झोनल अधिकारी गीतेश तिवारी, बिल्डिंग ऑफिसर अंकेश बिरथरिया सहित निगम की टीम मौजूद रही। एनजीओ टीम ने संबंधित भवन संचालकों और क्षेत्रवासियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने, ड्रेनेज का पानी बोरिंग में नहीं मिलाने और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने की समझाइश दी। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग का पालन और भूजल स्रोतों की सुरक्षा अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।

