प्रयागराज सिविल लाइंस स्थित रेलवे अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों का वेतन भुगतान को लेकर तीन दिनों से धरना जारी है। सुरक्षा कर्मियों के मुताबिक छह महीने का वेतन बकाया था। धरना शुरू होने के बाद ठेकेदार की ओर से दो महीने की सैलरी उनके खातों में भेजी गई, लेकिन अभी भी चार महीने का वेतन बाकी है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक पूरा बकाया भुगतान नहीं किया जाता, वे धरना खत्म नहीं करेंगे। धरने पर बैठे सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि छह महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया था। अब दो महीने की सैलरी मिलने के बावजूद चार महीने का भुगतान बाकी है। कर्मचारियों ने कहा कि घर का किराया देना है, बच्चों की स्कूल फीस जमा करनी है और कई कर्मचारियों को अपने भाई-बहनों की पढ़ाई के लिए भी पैसे भेजने होते हैं। ऐसे में बिना पूरे वेतन के परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। सुरक्षा कर्मियों का आरोप है कि बुधवार सुबह फील्ड ऑफिसर मान सिंह अस्पताल पर पहुंचे। गार्डों का दावा है कि उन्होंने धरना खत्म करने के लिए दबाव बनाया और कहा कि धरना खत्म नहीं किया तो पुलिस बुलाकर लात मारकर बाहर निकलवा देंगे और उनकी जगह दूसरे लोगों को काम पर रख दिया जाएगा। कर्मचारियों ने इस कथित धमकी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि वे पिछले तीन दिनों से लगातार रेलवे अस्पताल के बाहर बैठे हैं। उनका आरोप है कि अभी तक रेलवे का कोई अधिकारी उनकी समस्या सुनने या मदद करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा। कर्मचारियों ने कहा कि धरने के दौरान खाने-पीने का भी कोई इंतजाम नहीं है। आसपास के लोग जो मदद कर देते हैं, उसी से खाना-पीना हो रहा है। कर्मियों ने SS4 ग्रुप पर पीएफ और ईएसआई का भुगतान नहीं करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से रेलवे अस्पताल में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन वेतन और अन्य सुविधाओं को लेकर लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

